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एनपीएस संचय योजना से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मिलेगा वित्तीय सुरक्षा कवच, बैरसिया में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

भोपाल। पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) और बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) के संयुक्त तत्वावधान में बैरसिया जनपद सभागार में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) संचय योजना को लेकर जन-जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लोगों को नियमित बचत के माध्यम से वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में बताया गया कि एनपीएस संचय एक सरल और पूर्व-निर्धारित निवेश संरचना वाली योजना है। इसमें निवेश का प्रबंधन तय ढांचे के अनुसार स्वतः होता है, जिससे खाताधारकों को विभिन्न निवेश विकल्पों के चयन की जटिलताओं से नहीं गुजरना पड़ता। उन्हें केवल नियमित रूप से अपना अंशदान जमा करना होता है।

योजना की प्रमुख विशेषताएं

योजना के तहत कोई भी पात्र नागरिक मात्र 250 रुपये की न्यूनतम राशि से अपना एनपीएस संचय खाता शुरू कर सकता है। खाता खुलने के बाद 10 रुपये या उससे अधिक की राशि स्वैच्छिक अंशदान के रूप में जमा की जा सकती है।

योजना की अन्य प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—

– नियमित छोटी बचत के माध्यम से दीर्घकाल में पेंशन फंड का निर्माण।
– निर्धारित नियमों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर आंशिक निकासी की सुविधा।
– वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक बचत की आदत को बढ़ावा।

कौन उठा सकता है लाभ?

पीएफआरडीए के अनुसार 18 से 85 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी भारतीय नागरिक इस योजना से जुड़ सकता है। यह योजना विशेष रूप से किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, महिलाओं, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और निजी क्षेत्र के कम आय वाले कर्मचारियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

पंजीकरण के कई विकल्प

योजना से जुड़ने के लिए नागरिक निम्न माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं—

– eNPS ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
– बैंक ऑफ इंडिया तथा अन्य अधिकृत बैंकों की शाखाएं
– अधिकृत पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs)
– निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

कार्यक्रम में बताया गया कि एनपीएस संचय केवल बचत योजना नहीं, बल्कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और कम आय वर्ग के लोगों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नियमित और छोटी बचत के माध्यम से भविष्य के लिए मजबूत वित्तीय आधार तैयार किया जा सकता है।

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