
भोपाल। पांच वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भोपाल जिले में 14 जुलाई से दस्तक अभियान सह स्टॉप डायरिया कैंपेन शुरू हो गया है। यह अभियान 31 अगस्त 2026 तक चलेगा। अभियान के दौरान बच्चों में निमोनिया, गंभीर कुपोषण, एनीमिया और दस्त रोग की पहचान, उपचार एवं जागरूकता संबंधी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-ए का घोल पिलाया जाएगा। साथ ही डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर से हीमोग्लोबिन की जांच कर एनीमिया की पहचान की जाएगी और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
स्टॉप डायरिया कैंपेन भी साथ-साथ
दस्तक अभियान के साथ सघन दस्त नियंत्रण कार्यक्रम (स्टॉप डायरिया कैंपेन) भी संचालित किया जा रहा है। इसके तहत बच्चों के परिजनों को ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां निःशुल्क वितरित की जाएंगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता दस्त के लक्षण, ओआरएस घोल बनाने की सही विधि तथा जिंक के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी भी देंगे।
इस उद्देश्य से जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में ओआरएस कॉर्नर स्थापित किए गए हैं, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर आवश्यक सहायता मिल सके।
गंभीर कुपोषित बच्चों को मिलेगा विशेष उपचार
अभियान के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से चिन्हित गंभीर कुपोषित बच्चों को उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराया जाएगा।
सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी कार्यकर्ता मिलकर जिले के लगभग 3 लाख बच्चों तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुंचा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अभियान के दौरान विटामिन-ए की खुराक अवश्य दिलवाएं, ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।





