देवास और खरगोन में त्वरित कार्रवाई, पुलिस ने डिजिटल फ्रॉड से बचाव के लिए चलाया जागरूकता अभियान
भोपाल। साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच मध्यप्रदेश पुलिस का ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर ठगी के शिकार लोगों को राहत पहुंचाने की दिशा में भी काम कर रहा है। अभियान के शुरुआती चरण में देवास और खरगोन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड पीड़ितों को कुल 4 लाख 73 हजार 675 रुपये वापस दिलाए हैं।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित इस अभियान के तहत नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, क्यूआर कोड स्कैम और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है।
देवास में 16 पीड़ितों को वापस मिली 3.98 लाख रुपये की राशि
देवास जिले में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों के 16 साइबर ठगी पीड़ितों को 3 लाख 98 हजार 719 रुपये की राशि वापस कराई गई।
पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद थाना स्तर पर तैनात साइबर मित्रों और जिला साइबर सेल ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से कार्रवाई शुरू की। संबंधित बैंकों और एजेंसियों से समन्वय कर ठगी गई राशि को होल्ड कराया गया और प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ितों के खातों में राशि वापस पहुंचाई गई।
खरगोन में दो मामलों में लौटाई गई 74 हजार रुपये से अधिक राशि
खरगोन जिले में पुलिस अधीक्षक रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 74 हजार 956 रुपये वापस कराए।
पहले मामले में मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए विदेश से उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क के नाम पर ठगी की गई थी। वहीं दूसरे मामले में ऑनलाइन निवेश में अधिक लाभ का लालच देकर धोखाधड़ी की गई थी।
साइबर सेल ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कर संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ितों को राशि वापस दिलाई।
स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर चल रहा जागरूकता अभियान
‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत पुलिस अधिकारी और कर्मचारी स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और पुलिस चौपालों के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
नागरिकों को बताया जा रहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक खाते, एटीएम, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही सोशल मीडिया, ऑनलाइन निवेश और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले आकर्षक प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की जा रही है।
साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में देरी न करें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई राशि को सुरक्षित करने और पीड़ितों को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।