एम्स भोपाल में माइंडफुल ईटिंग प्रैक्टिस सेशन, स्वस्थ खानपान और बेहतर जीवनशैली पर मिलेगा विशेषज्ञ मार्गदर्शन
01 जुलाई को आयोजित होगा सत्र, भोजन के प्रति जागरूकता और स्वास्थ्यवर्धक आदतों पर दी जाएगी जानकारी
भोपाल, 30 जून।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ लोगों में स्वस्थ जीवनशैली और बेहतर खानपान की आदतों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स भोपाल के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) द्वारा 01 जुलाई 2026 को “माइंडफुल ईटिंग प्रैक्टिस सेशन” आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में प्रतिभागियों को भोजन को समझकर खाने, खानपान की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा।
एम्स भोपाल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि स्वस्थ जीवन केवल भोजन की मात्रा पर नहीं, बल्कि भोजन करने के तरीके और उससे जुड़ी जागरूकता पर भी निर्भर करता है। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को माइंडफुल ईटिंग की तकनीकों के बारे में जानकारी दी जाएगी, जिससे वे अपने भोजन के अनुभव को बेहतर बना सकें और लंबे समय तक स्वस्थ आदतों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
भोजन के प्रति सजगता बढ़ाने पर रहेगा फोकस
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को भोजन के दौरान सजग रहने, स्वाद और पोषण को समझने तथा शरीर की जरूरतों के अनुसार भोजन करने के तरीकों के बारे में बताया जाएगा। इसमें गाइडेड माइंडफुल ईटिंग प्रैक्टिस, स्वस्थ खानपान व्यवहार पर चर्चा और जीवनशैली में स्थायी बदलाव लाने के लिए उपयोगी रणनीतियां साझा की जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार माइंडफुल ईटिंग में भोजन के चार प्रमुख चरण महत्वपूर्ण माने जाते हैं—
Observe (देखना): भोजन को ध्यानपूर्वक देखना और उसकी गुणवत्ता को समझना।
Notice (सजग रहना): भोजन करते समय शरीर और मन की प्रतिक्रियाओं को महसूस करना।
Savor (आनंद लेना): भोजन के स्वाद और अनुभव को धीरे-धीरे महसूस करना।
Nourish (पोषण करना): शरीर की आवश्यकता के अनुसार पौष्टिक भोजन का चयन करना।
तेजी से बदलती जीवनशैली में जरूरी है जागरूक खानपान
आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग जल्दबाजी में भोजन करते हैं, जिससे अनियमित खानपान, अधिक भोजन करने की आदत, मोटापा, मधुमेह, पाचन संबंधी समस्याएं और तनाव जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। माइंडफुल ईटिंग लोगों को भोजन की मात्रा, गुणवत्ता और शरीर के संकेतों को समझने में मदद करती है।
सत्र में प्रतिभागियों को शरीर के भूख और पेट भरने के प्राकृतिक संकेतों को पहचानने के महत्व के बारे में भी बताया जाएगा, ताकि वे आवश्यकता से अधिक भोजन करने से बच सकें और संतुलित आहार की आदत विकसित कर सकें।
एम्स भोपाल द्वारा इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य चिकित्सा उपचार के साथ-साथ निवारक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना और लोगों को स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।