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एमसीयू में तनाव प्रबंधन और डिजिटल वेलबीइंग पर कार्यक्रम, विशेषज्ञों ने दिए सकारात्मक जीवन के टिप्स

मेडिटेशन और वैल्यू बेस्ड एजुकेशन के जरिए तनाव कम करने पर हुआ संवाद

भोपाल, 30 जून।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) में तनाव प्रबंधन, डिजिटल जीवन संतुलन और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षकों और अधिकारियों ने भाग लिया।

विश्वविद्यालय के नालंदा पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम का विषय “स्ट्रेस मैनेजमेंट, डिजिटल वेलबीइंग, डी-एडिक्शन और वैल्यू बेस्ड एजुकेशन” रहा। इसमें विशेषज्ञों ने आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, डिजिटल निर्भरता और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के उपायों पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम में लेखक एवं इमोशनल एक्सपर्ट हितेश टुटेजा ने कहा कि वर्तमान समय में लोग प्रकृति और स्वयं से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बदलाव की शुरुआत व्यक्ति को स्वयं से करनी चाहिए। शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना आवश्यक है, ताकि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित न रहकर संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बन सके।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य को प्रसन्नता और सकारात्मक भाव से करने की आवश्यकता है। इसके लिए व्यक्ति को अपने भीतर झांककर स्वयं को समझने और अपनी क्षमताओं को पहचानने की जरूरत है।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय भोपाल की हेमा दीदी ने प्रतिभागियों को मेडिटेशन कराया। उन्होंने ध्यान और आत्मचिंतन के माध्यम से मानसिक शांति, एकाग्रता और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के तरीकों की जानकारी दी।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ममता दीदी और नारायण जी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में एमसीयू की कुलसचिव पी. शशिकला, वित्त नियंत्रक राजेश सिंह सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने किया, जबकि संचालन मीडिया प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष अविनाश वाजपेयी द्वारा किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों और अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य, आत्मअनुशासन और संतुलित डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

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