नायरा पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने में गड़बड़ी का आरोप, 37 लीटर टैंक में 41.6 लीटर ईंधन डालने का दावा
एयरपोर्ट पर पदस्थ सब इंस्पेक्टर ने नापतौल विभाग से की शिकायत, जांच का इंतजार
भोपाल। राजधानी भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित एक नायरा पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की मात्रा को लेकर विवाद सामने आया है। एक कार मालिक ने आरोप लगाया है कि उनकी 37 लीटर क्षमता वाली कार की टंकी में 41.6 लीटर पेट्रोल भर दिया गया, जबकि वाहन में पहले से करीब 5 लीटर पेट्रोल मौजूद था।
जानकारी के अनुसार, यह मामला भोपाल एयरपोर्ट पर पदस्थ सब इंस्पेक्टर सौरभ भदौरिया की कार से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार को एयरपोर्ट रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर उनकी स्विफ्ट कार में पेट्रोल भरवाया गया। कार के फ्यूल टैंक की क्षमता 37 लीटर है, इसके बावजूद पंप कर्मियों ने मशीन में 41.6 लीटर पेट्रोल दर्शाया और करीब 42 लीटर का बिल दिया।
कार मालिक ने उठाए सवाल
सौरभ भदौरिया का कहना है कि कार में पेट्रोल पहले से रिजर्व स्तर पर मौजूद था, जिसकी मात्रा करीब 5 लीटर थी। ऐसे में वाहन की कुल क्षमता से अधिक पेट्रोल कैसे भरा गया, यह जांच का विषय है।
उन्होंने बताया कि बिल मिलने के बाद उन्होंने कार को पेट्रोल पंप परिसर में ही खड़ा कर दिया और मामले की शिकायत नापतौल विभाग से की, ताकि पेट्रोल डिस्पेंसर मशीन और रिकॉर्ड की जांच हो सके।
नापतौल विभाग पर भी लगाए देरी के आरोप
भदौरिया ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी मंगलवार शाम तक नापतौल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से फोन पर उन्हें वाहन के पेट्रोल पंप पर मौजूद नहीं होने की जानकारी दी गई।
उनका कहना है कि यदि विभाग की ओर से समय पर सूचना दी जाती तो वह जांच के लिए मौके पर मौजूद रहते और वाहन को वहीं रखा गया था।
जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट
पेट्रोल पंप पर पेट्रोल की मात्रा को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। इसके लिए पेट्रोल डिस्पेंसर मशीन की जांच, कैलिब्रेशन रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सही मात्रा सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच जरूरी है।