नीला राशन कार्ड नहीं बनने से पीएम आवास सहित कई योजनाओं से वंचित होने का आरोप, कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश
भोपाल। राजधानी भोपाल में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर शिकायतें दर्ज कराईं। जनसुनवाई में कुल 196 आवेदक अपनी विभिन्न समस्याओं के निराकरण की उम्मीद लेकर पहुंचे। इस दौरान हुजूर तहसील के ग्राम पिपलिया बाज खां से करीब 30 महिलाएं राशन कार्ड नहीं बनने की शिकायत लेकर पहुंचीं।
महिलाओं ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के सामने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि वे पिछले डेढ़ साल से नीले राशन कार्ड के लिए आवेदन कर चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका राशन कार्ड नहीं बनाया गया है। महिलाओं का कहना था कि वे वर्तमान में कच्चे मकानों में रह रही हैं और राशन कार्ड नहीं होने के कारण उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
राशन कार्ड नहीं बनने से पीएम आवास योजना का लाभ अटका
महिलाओं ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि नीला राशन कार्ड बनने के बाद वे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान पाने के लिए आवेदन कर सकेंगी। इसके अलावा उन्हें खाद्यान्न सुविधा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में लापरवाही की जा रही है, जिसके कारण वे आवास, राशन सुविधा और बच्चों के लिए शिक्षा से जुड़े लाभों से भी प्रभावित हो रही हैं। उनके अनुसार, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले प्रवेश लाभ में भी परेशानी आ रही है।
कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिलाओं के साथ पहुंचीं भारती शर्मा ने बताया कि राशन कार्ड बनवाने के लिए वे नगर निगम वार्ड कार्यालय सहित कई अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें जनसुनवाई में शिकायत लेकर आना पड़ा।
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करोंद में सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे की शिकायत, जांच के निर्देश
जनसुनवाई में करोंद स्थित गैस राहत क्वार्टर की महिलाओं ने कॉलोनी की सार्वजनिक जगह और रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत भी दर्ज कराई।
महिलाओं ने आरोप लगाया कि एक महिला ने ताजिया निर्माण के लिए कुछ दिनों की अनुमति ली थी, लेकिन बाद में वहां स्थायी निर्माण कर रास्ता बंद कर दिया गया। इससे कॉलोनी के लोगों के आवागमन और बच्चों के खेलने में परेशानी हो रही है।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कब्जे का विरोध करने पर विवाद की स्थिति बनती है और पुलिस में शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। इसके बाद मोहल्ले के लोगों ने एकजुट होकर जनसुनवाई में आवेदन दिया।
कलेक्टर ने शिकायत पर संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।