सहकारिता सप्ताह का समापन: एमपीसीडीएफ में पौधरोपण, ई-चौपाल, क्विज और ‘मामूलीराम’ फिल्म प्रदर्शन के साथ सम्मान समारोह
सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर एमपीसीडीएफ में आयोजित सहकारिता सप्ताह का समापन हुआ। पौधरोपण, ई-चौपाल, सेमिनार, क्विज, ‘मामूलीराम’ फिल्म प्रदर्शन और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर एमपीसीडीएफ में सहकारिता सप्ताह का समापन, विजेताओं का हुआ सम्मान
भोपाल। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के गठन के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सप्ताहव्यापी सहकारिता सप्ताह का मंगलवार को समापन हुआ। समापन समारोह में सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों के विजेताओं और उत्कृष्ट प्रतिभागियों को एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने सम्मानित किया।
सप्ताहभर आयोजित हुए विविध कार्यक्रम
सहकारिता सप्ताह के दौरान सहकारिता की भावना, सामूहिक सहभागिता और जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, प्रश्नोत्तरी (क्विज) प्रतियोगिता तथा सहकारिता विषयक सेमिनार प्रमुख रहे।
इसके अलावा भारत में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन और सहकारी दुग्ध आंदोलन में उनके योगदान पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन भी किया गया। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों को देश के दुग्ध सहकारिता आंदोलन के विकास और डॉ. कुरियन के दूरदर्शी नेतृत्व से परिचित कराया गया।
सहकारिता को बताया सामूहिक प्रगति का आधार
समापन समारोह को संबोधित करते हुए प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने कहा कि सहकारिता केवल एक संस्थागत व्यवस्था नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास, सहभागिता और साझा विकास की मजबूत अवधारणा है।
उन्होंने कहा कि एमपीसीडीएफ दुग्ध उत्पादकों और किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए अपनी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा
कार्यक्रम में एमपीसीडीएफ की पिछले एक वर्ष की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की गई। इस दौरान दुग्ध संकलन, अधोसंरचना विकास, तकनीकी विस्तार, दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच तथा सहकारी दुग्ध व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला गया।
साथ ही भविष्य में सहकारिता आधारित दुग्ध विकास को और गति देने तथा संस्थागत क्षमता बढ़ाने की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
ग्रुप हेड (प्लांट ऑपरेशंस) डी.के. पांडे ने दुग्ध प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण और परिचालन दक्षता के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि बेहतर टीमवर्क और प्रभावी संचालन व्यवस्था से संस्था अपने लक्ष्यों को अधिक सफलतापूर्वक प्राप्त कर सकती है।
वहीं ग्रुप हेड (एमएनपी) असीम निगम ने सहकारिता की भावना, नवाचार और सामूहिक जिम्मेदारी को संस्थागत विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि बदलते समय में बेहतर समन्वय के माध्यम से सहकारी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
विजेताओं का हुआ सम्मान
समापन समारोह के दौरान सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।
कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। समारोह में एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी तथा अन्य संबंधित प्रतिभागी उपस्थित रहे।