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भोपाल: पीएफआई से जुड़े 9 आरोपियों की जमानत खारिज, एनआईए विशेष अदालत का फैसला

भोपाल की एनआईए विशेष अदालत ने कथित पीएफआई गतिविधियों से जुड़े मामले में 9 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। मामला यूएपीए के तहत दर्ज है।

पीएफआई से जुड़े मामले में 9 आरोपियों की जमानत खारिज, एनआईए विशेष अदालत का फैसला

भोपाल। भोपाल स्थित एनआईए (राष्ट्रीय जांच अभिकरण) की विशेष अदालत ने कथित प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े एक मामले में नौ आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने अभियोजन पक्ष के तर्कों और उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद यह आदेश पारित किया।

इन आरोपियों की जमानत याचिकाएं हुईं खारिज

विशेष न्यायाधीश (एनआईए) डॉ. मुकेश मलिक की अदालत ने अनवर खान, ख्वाजा हुसैन, मोहम्मद शमशाद, इमरान हुसैन, आबिद खान, इशांक खान, मोहम्मद यूसुफ मौलानी, मोहसिन कुरैशी और नासिर नंदवी की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।

क्या है मामला?

अभियोजन के अनुसार, वर्ष 2022 में एटीएस/एटीएफ द्वारा दर्ज प्रकरण में अब्दुल करीम बैकरीवाला सहित अन्य आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में कथित रूप से पीएफआई से जुड़ी गतिविधियों के तहत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए और गैरकानूनी गतिविधियों की साजिश रची। मामले में आरोपियों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।

अभियोजन ने अदालत में क्या कहा?

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजकों विक्रम सिंह और मनोज त्रिपाठी ने अदालत में कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और आरोपियों के विरुद्ध यूएपीए की धाराएं लागू हैं। अभियोजन ने यह भी दलील दी कि मामले में आरोप तय किए जा चुके हैं तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आरोपियों की संलिप्तता पर न्यायालय पहले ही संज्ञान ले चुका है।

बचाव पक्ष का पक्ष

जमानत याचिकाओं में बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि आरोपियों पर लगाए गए यूएपीए के प्रावधान लागू नहीं होते, वे लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं तथा जांच के दौरान कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

अदालत का निर्णय

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एनआईए विशेष अदालत ने जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।

नोट: यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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