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भोपाल डिजिटल वित्तीय सशक्तिकरण में देश में सबसे आगे, 96% लोगों ने माना- डिजिटल टूल से आर्थिक लक्ष्य हासिल करने में मदद

भोपाल। होम क्रेडिट इंडिया की सालाना ‘द ग्रेट इंडियन वॉलट स्टडी 2026’ में भोपाल डिजिटल तरीके से वित्तीय प्रबंधन और आर्थिक सशक्तिकरण के मामले में देश में सबसे आगे रहने वाला शहर बनकर उभरा है। सर्वे के मुताबिक भोपाल के 96% लोगों का मानना है कि डिजिटल टूल उन्हें अपने आर्थिक लक्ष्य हासिल करने में मदद करते हैं।

67% लोग खर्च के बाद कर पा रहे बचत

रिपोर्ट के अनुसार भोपाल में 67% लोग अपने मासिक खर्च पूरे करने के बाद बचत कर पा रहे हैं। पिछले साल के मुकाबले इसमें 8 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है। शहर में औसत मासिक घरेलू आय 29 हजार रुपये और मासिक खर्च करीब 17 हजार रुपये है। घरेलू खर्च में सबसे बड़ा हिस्सा जरूरी खर्च का है।

भोपाल के लोगों के जरूरी मासिक खर्च में खाद्यान्न और ग्रॉसरी की हिस्सेदारी 27% है। इसके बाद परिवहन 18%, किराया 17%, बच्चों की पढ़ाई 15%, मेडिकल खर्च 10%, बिजली-पानी के बिल 6%, रसोई गैस 4% और मोबाइल बिल 3% है।

फैशन और कपड़ों पर सबसे ज्यादा गैर-जरूरी खर्च

अपनी पसंद से किए जाने वाले खर्च में फैशन और कपड़े 33% के साथ सबसे आगे हैं। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस 21%, पर्यटन और यात्राएं 20%, घरेलू उपकरण 15% और घर की सजावट 4% पर है।

रिपोर्ट के मुताबिक भोपाल के लोगों का सबसे बड़ा आर्थिक सपना अपना घर खरीदना है। 37% लोगों ने इसे अपना प्रमुख दीर्घकालिक लक्ष्य बताया। वहीं 29% लोग अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत और पुराने कर्ज चुकाना 12-12% लोगों का लक्ष्य है, जबकि 9% लोग गाड़ी खरीदना चाहते हैं।

कर्ज और निवेश पर बढ़ा भरोसा

आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए 33% लोगों ने सही ब्याज दर और लचीली किश्तों वाले कर्ज को सबसे बड़ा सहारा बताया। इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस 9%, हेल्थ इंश्योरेंस 8%, फिक्स्ड डिपॉजिट 6%, सोने में निवेश 5% और म्यूचुअल फंड व एसआईपी 3% लोगों की पसंद रही।

रिपोर्ट में भोपाल में निवेश में 29 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जरूरी खर्च और बचत में भी पिछले साल के मुकाबले 7-7 अंकों की वृद्धि हुई है।

जीएसटी बदलावों से परिवार के खर्च में राहत

भोपाल में जीएसटी से जुड़े बदलावों को लेकर भी लोगों में जागरूकता दिखाई दी। सर्वे में 71% लोगों ने माना कि जीएसटी बदलावों के कारण परिवार की भलाई से जुड़े खर्च करना पहले से बेहतर हुआ है। 26% लोगों ने टू-व्हीलर और इतने ही लोगों ने कार की खरीद पर बचत होने की बात कही।

जीएसटी 2.0 के बाद 14% लोग बेहतर गुणवत्ता वाले भोजन पर और 9% लोग हेल्थकेयर पर ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

‘द ग्रेट इंडियन वॉलट 4.0’ स्टडी 18 से 55 वर्ष की उम्र के कर्जदारों के बीच की गई। इसमें देश के 17 बड़े शहरों के अलग-अलग आय वर्ग और पेशों से जुड़े लोगों को शामिल किया गया।

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