बाइक टैक्सी के लिए देशभर में समान नियम बनाने की मांग, CUTS International ने जारी की रिपोर्ट

आजीविका, यात्री सुरक्षा और किफायती शहरी परिवहन को ध्यान में रखकर नियामक ढांचा तैयार करने की सिफारिश
नई दिल्ली। CUTS International की नई रिपोर्ट में भारत में बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए एक समान, तथ्य-आधारित और स्पष्ट नियामक ढांचा बनाने की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग राज्यों में बाइक टैक्सी को लेकर अलग-अलग नियम होने से यात्रियों, गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म कंपनियों और नियामकों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बन रही है।
“भारत में बाइक टैक्सी नियमों का सामंजस्य: एक तथ्य-आधारित मूल्यांकन और सुधार के सुझाए गए मार्ग” नाम से जारी रिपोर्ट का नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने विमोचन किया।
निजी बाइक के सुनियोजित इस्तेमाल की सिफारिश
रिपोर्ट में निजी मोटरसाइकिलों को सुनियोजित तरीके से बाइक टैक्सी सेवाओं में अधिकृत करने, प्लेटफॉर्म कंपनियों की जवाबदेही तय करने और यात्रियों व चालकों के लिए समान सुरक्षा मानक लागू करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर संक्रमण को अनिवार्य करने के बजाय प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था अपनाने का सुझाव दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों में बाइक टैक्सी को लेकर नीतियां अलग हैं। कहीं इन्हें अनुमति मिली हुई है, कहीं सशर्त अनुमति है तो कुछ राज्यों में प्रतिबंध या केवल इलेक्ट्रिक बाइक को अनुमति देने जैसी व्यवस्था है। इससे नीति और कानून को लेकर असमंजस पैदा हो रहा है।
फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में मददगार
CUTS International के अनुसार बाइक टैक्सी को केवल अलग परिवहन सेवा के तौर पर नहीं, बल्कि व्यापक शहरी परिवहन व्यवस्था के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। कम दूरी की किफायती यात्रा के साथ ये सेवाएं सार्वजनिक परिवहन के लिए फर्स्ट और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद कर सकती हैं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बाइक टैक्सी कई लोगों के लिए लचीली आजीविका का माध्यम बन सकती है। इसलिए नियम बनाते समय यात्रियों की सुरक्षा के साथ गिग वर्कर्स के हितों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
नियमन समय के साथ बदलना जरूरी : नितिन आर. गोकर्ण
लॉन्च कार्यक्रम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अध्यक्ष नितिन आर. गोकर्ण ने कहा कि तकनीकी और मोबिलिटी इनोवेशन अक्सर नियमों से तेजी से आगे बढ़ता है। ऐसे में उभरते मोबिलिटी सेक्टर में सुरक्षित और जवाबदेह विकास के लिए नियामक ढांचे को समय के साथ विकसित किया जाना चाहिए।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि भारत में जीवन की सुगमता के एजेंडे को मजबूत करने के लिए एकीकृत मोबिलिटी इकोसिस्टम कनेक्टिविटी, रोजगार, उत्पादकता और टिकाऊ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दो पैनल चर्चाओं में नीति और सुरक्षा पर चर्चा
रिपोर्ट लॉन्च के दौरान बाइक टैक्सी के नियमन, कानूनी अस्पष्टता, मोबिलिटी इनोवेशन, आजीविका और उपभोक्ता हितों पर दो पैनल चर्चाएं भी हुईं।
चर्चाओं में विशेषज्ञों ने यात्री सुरक्षा, श्रमिक कल्याण, उपभोक्ता की पसंद, नवाचार और नियामक निश्चितता के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया। CUTS International ने सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के बीच निरंतर संवाद के माध्यम से पारदर्शी, अनुमानित और समावेशी नियम विकसित करने की जरूरत दोहराई।





