माताजी की पुण्यतिथि पर खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने वृद्धाश्रम में की सेवा, बुजुर्गों के साथ बिताया समय

भोपाल। मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अपनी माताजी स्वर्गीय श्रीमती ज्ञान बाई की पुण्यतिथि पर वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया। उन्होंने वरिष्ठजनों के साथ भोजन किया, उन्हें वस्त्र भेंट किए और उनकी कुशलक्षेम पूछते हुए सम्मानपूर्वक संवाद किया।
मंत्री राजपूत ने कहा कि बुजुर्गों की सेवा सबसे बड़ा संस्कार है और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने वृद्धाश्रम के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा बुजुर्गों की आवश्यकताओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में उनकी धर्मपत्नी एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सविता सिंह राजपूत, युवा नेता आकाश सिंह राजपूत तथा उनकी धर्मपत्नी नंदिका सिंह राजपूत भी मौजूद रहीं।
इस अवसर पर नंदिका सिंह राजपूत ने अपना जन्मदिन भी वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच मनाया। उन्होंने स्वयं भोजन परोसकर वरिष्ठजनों का आशीर्वाद लिया। इस पहल के माध्यम से समाज के जरूरतमंद और उपेक्षित वर्ग के साथ खुशियां साझा करने का संदेश दिया गया।
खाद्य मंत्री ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में बुजुर्गों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि अपनापन, सम्मान और समय की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन के विशेष अवसरों—जैसे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ या अन्य शुभ अवसरों—पर वृद्धाश्रम जाकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना चाहिए।
उन्होंने कहा कि “बुजुर्ग बोझ नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों की पहचान हैं। उनकी सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि ईश्वर की सबसे बड़ी पूजा है।” मंत्री राजपूत ने अपनी माताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनसे मिले सेवा, संस्कार और मानवता के मूल्य ही उनके सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं।





