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महिला हत्याकांड में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास, साजिश रचकर चाकू से की थी हत्या

भोपाल। योजना बनाकर महिला की हत्या करने वाले तीन आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शासन द्वारा इस मामले को सनसनीखेज प्रकरण की श्रेणी में रखा गया था। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति राजपूत की अदालत ने आरोपी आदित्य उर्फ आदी साहू, धीरेन्द्र और सरफराज को दोषी पाते हुए यह फैसला सुनाया।

मामले में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्रीमती दीप्ति पटेल ने पैरवी की।

हत्या की साजिश रचकर वारदात को दिया अंजाम

अभियोजन के अनुसार, 19 अप्रैल 2023 को मृतिका के घर वापस नहीं लौटने पर उसकी सास नर्मदी बाई ने थाना टीला जमालपुरा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद 23 अप्रैल 2023 को थाना बिलखिरिया क्षेत्र में एक खेत में बने टपरे के अंदर एक अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना मिली।

पुलिस जांच के दौरान शव की पहचान मृतिका के पति और सास द्वारा की गई। जांच में मृतिका के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई, जिसमें एक नंबर से घटना वाले दिन कई बार बातचीत होना सामने आया। जांच में यह नंबर आरोपी सरफराज के नाम पर पाया गया।

पैसे के विवाद में हत्या की बनाई योजना

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आदित्य ने एक महिला से पैसे उधार लिए थे। पैसे वापस मांगने को लेकर वह परेशान था। आरोप है कि इसी दौरान आरोपियों ने महिला की हत्या करने की योजना बनाई।

योजना के तहत आरोपियों ने पहले एक व्यक्ति से मोबाइल छीना और उसकी सिम का उपयोग कर 19 अप्रैल 2023 को मृतिका को फोन किया। उसे पैसे लौटाने के बहाने मिलने बुलाया गया। इसके बाद आरोपी उसे ऑटो से कनहासैया खंडहर क्षेत्र में ले गए, जहां मौका पाकर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

खून के साक्ष्य बने अहम कड़ी

प्रकरण की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। विशेष लोक अभियोजक श्रीमती दीप्ति पटेल की अनुमति से मृतिका के नाखूनों में मिले मानव रक्त और आरोपी आदित्य के कपड़ों पर मिले रक्त का मिलान कराया गया, जो समान पाया गया। यह साक्ष्य मामले में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।

न्यायालय ने सुनाई सजा

न्यायालय ने आरोपी आदित्य उर्फ आदी साहू, धीरेन्द्र और सरफराज को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/120-बी के तहत आजीवन कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।

वहीं आरोपी आदित्य उर्फ आदी साहू और सरफराज को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)(बी) के तहत 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास और 1-1 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

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