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MIT-WPU के शोधकर्ताओं का सौर ऊर्जा में बड़ा नवाचार, सूर्यास्त के बाद भी मिलेगा गर्म पानी

पुणे। सौर ऊर्जा के उपयोग को और प्रभावी बनाने की दिशा में के शोधकर्ताओं ने एक नई तकनीक विकसित की है। शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की गई सोलर थर्मल बैटरी सूर्य की गर्मी को संग्रहित कर सकती है, जिससे सूर्यास्त के बाद भी गर्म पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।

यह तकनीक सौर ऊर्जा की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक—सूर्य की अनुपस्थिति में ऊर्जा उपलब्धता—का समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे पानी गर्म करने के लिए बिजली और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

फेज चेंज मटेरियल से होगी गर्मी की बचत

MIT-WPU के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की डॉ. अनीता नेने और डॉ. रोहित घाडगे द्वारा विकसित इस प्रणाली में फेज चेंज मटेरियल (PCM) आधारित थर्मल स्टोरेज तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

इस सिस्टम में शेफलर सोलर कंसंट्रेटर को पैराफिन वैक्स से भरे थर्मल स्टोरेज कैप्सूल के साथ जोड़ा गया है। पैराफिन वैक्स बड़ी मात्रा में ऊष्मा को संग्रहित करने और जरूरत पड़ने पर उसे वापस छोड़ने की क्षमता रखता है।

पारंपरिक इलेक्ट्रोकेमिकल बैटरी की तरह बिजली के रूप में ऊर्जा संग्रहित करने के बजाय यह प्रणाली ऊर्जा को सीधे गर्मी के रूप में स्टोर करती है।

14 घंटे तक बनाए रख सकती है गर्मी

शोधकर्ताओं के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों में यह प्रणाली लगभग 18 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो गई और करीब 32 मिनट में डिस्चार्ज हुई।

सौर ऊर्जा का इनपुट हटाए जाने के बाद भी सिस्टम ने गर्म पानी उपलब्ध कराया। प्रोटोटाइप लगभग 1.5 से 2 किलोवाट-घंटा (kWh) थर्मल ऊर्जा संग्रहित कर सकता है और चार्जिंग के बाद करीब 14 घंटे तक पानी का तापमान 50 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच बनाए रख सकता है।

यह तकनीक लगभग 55 प्रतिशत थर्मल दक्षता प्रदर्शित करती है।

बिजली और कार्बन उत्सर्जन में कमी की संभावना

शोधकर्ताओं का कहना है कि यह तकनीक इलेक्ट्रिक वॉटर हीटर की तुलना में सालाना लगभग 2.5 से 3 टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में सक्षम हो सकती है। इससे स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को मजबूती मिल सकती है।

डॉ. अनीता नेने ने कहा कि सौर ऊर्जा की प्रमुख सीमाओं में से एक यह है कि यह केवल धूप के समय उपलब्ध होती है। इस तकनीक का उद्देश्य ऐसा सरल, किफायती और टिकाऊ समाधान विकसित करना था, जो सौर ताप को संग्रहित कर जरूरत के समय उपलब्ध करा सके।

होटल, अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग की संभावना

इस सोलर थर्मल बैटरी के संभावित उपयोग कई क्षेत्रों में देखे जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं—

– आवासीय वॉटर हीटिंग सिस्टम
– होटल और अस्पताल
– छात्रावास एवं शैक्षणिक संस्थान
– औद्योगिक प्रक्रिया हीटिंग
– सामुदायिक रसोई
– कृषि क्षेत्र
– ऑफ-ग्रिड ग्रामीण समुदाय

TRL-7 स्तर पर पहुंची तकनीक

शोधकर्ताओं ने सिस्टम के प्रदर्शन का मूल्यांकन प्रयोगशाला परीक्षणों के साथ-साथ कंप्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (CFD) सिमुलेशन के माध्यम से किया है। यह तकनीक वर्तमान में टेक्नोलॉजी रेडिनेस लेवल (TRL) 7 पर है और वास्तविक परिस्थितियों में पायलट तैनाती के लिए तैयार की जा रही है।

“सोलर एनर्जी स्टोरेज कैप्सूल यूजिंग फेज चेंज मटेरियल” शीर्षक से इस तकनीक के लिए भारतीय पेटेंट आवेदन भी दायर किया गया है। शोधकर्ता अब इसके बड़े स्तर पर उत्पादन और व्यावसायीकरण के लिए उद्योग भागीदारों के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

डॉ. रोहित घाडगे के अनुसार, तापीय ऊर्जा की मांग कुल ऊर्जा खपत का बड़ा हिस्सा है। सौर ताप के बेहतर संचयन वाली तकनीकें पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता घटाने और स्वच्छ ऊर्जा व्यवस्था को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती हैं।

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