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डिजिटल लेन-देन में रहें सतर्क, सुरक्षित भुगतान आदतों से बचाएं अपनी वित्तीय जानकारी

नई दिल्ली। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे में ग्राहकों के लिए सुरक्षित डिजिटल लेन-देन की आदतें अपनाना बेहद जरूरी हो गया है। खरीदारी, बिल भुगतान, यात्रा बुकिंग और अन्य रोजमर्रा के खर्चों के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने के बीच साइबर अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।

के अनुसार, ग्राहकों को डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्क रहकर अपनी निजी और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा करनी चाहिए।

कार्ड और इंटरनेट फ्रॉड के मामले बढ़े

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, कार्ड और इंटरनेट से जुड़े धोखाधड़ी के मामले देश में रिपोर्ट किए गए कुल वित्तीय धोखाधड़ी मामलों का बड़ा हिस्सा हैं। ऐसी घटनाओं से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ सकता है।

SBI कार्ड की एमडी और सीईओ ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था का भविष्य विश्वास और सुरक्षा पर निर्भर करता है। उन्होंने ग्राहकों को बातचीत की पुष्टि करने, संवेदनशील जानकारी साझा न करने और बिना मांगे आए अनुरोधों से सावधान रहने की सलाह दी।

सुरक्षित डिजिटल भुगतान के लिए अपनाएं ये 10 आदतें

1. भरोसेमंद वेबसाइट और प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें

ऑनलाइन खरीदारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या विश्वसनीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या अनजान लिंक से मिलने वाली वेबसाइटों पर भुगतान करने से बचें।

2. ऐप डाउनलोड करते समय रहें सावधान

मोबाइल ऐप हमेशा आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। अनजान वेबसाइटों से APK फाइल या संदिग्ध ऐप इंस्टॉल न करें, क्योंकि इनमें मैलवेयर हो सकता है।

3. OTP, PIN, CVV और कार्ड जानकारी कभी साझा न करें

कोई भी बैंक या वित्तीय संस्था आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगती। फोन, ईमेल या मैसेज के जरिए आई किसी भी मांग की पहले पुष्टि करें।

4. स्क्रीन शेयरिंग से बचें

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन शेयर न करें। इससे आपकी निजी जानकारी चोरी हो सकती है।

5. फिशिंग मैसेज और फर्जी कॉल से सावधान रहें

अकाउंट बंद होने, रिवॉर्ड खत्म होने, नकली डिलीवरी अपडेट, फर्जी चालान या टैक्स नोटिस जैसे संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक माध्यम से करें।

6. बैंक अधिकारी बनकर आने वाली कॉल की जांच करें

धोखेबाज अक्सर कार्ड अपग्रेड, लिमिट बढ़ाने, रिवॉर्ड पॉइंट या अकाउंट एक्टिवेशन के नाम पर जानकारी मांगते हैं। ऐसी कॉल आने पर सीधे संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर संपर्क करें।

7. संदिग्ध लेन-देन की तुरंत शिकायत करें

अगर खाते में कोई अनधिकृत भुगतान दिखे या गलती से जानकारी साझा हो जाए तो तुरंत बैंक या कार्ड जारीकर्ता को सूचित करें और साइबर अपराध की रिपोर्ट करें।

8. आकर्षक ऑफर और रिवॉर्ड पॉइंट से रहें सावधान

बहुत बड़े डिस्काउंट, फर्जी रिफंड या रिवॉर्ड रिडीम करने के नाम पर भेजे गए लिंक की पहले जांच करें। बिना पुष्टि के कोई जानकारी दर्ज न करें।

9. ट्रांजेक्शन अलर्ट चालू रखें

SMS, ईमेल और मोबाइल ऐप नोटिफिकेशन को सक्रिय रखें। खाते की नियमित जांच करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें।

10. मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें

अलग-अलग खातों के लिए अलग और मजबूत पासवर्ड रखें। पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें और समय-समय पर अपडेट करते रहें।

जागरूकता ही डिजिटल सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय

डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल तकनीकी सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं हैं। सतर्कता, सही जानकारी और सुरक्षित वित्तीय आदतें ग्राहकों को साइबर अपराधों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

डिजिटल भुगतान का उपयोग करते समय सावधानी बरतकर ग्राहक सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से ऑनलाइन वित्तीय सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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