भोपाल नगर निगम में सियासी खींचतान के बीच राजस्व अधिकारी अर्जुन मेघानी हटाए गए, पदोन्नति पर भी उठे सवाल
सहायक राजस्व निरीक्षक पद से सीधे राजस्व अधिकारी बनाए जाने का मामला फिर चर्चा में, कार्यप्रणाली को लेकर मिली शिकायतों के बाद कार्रवाई
भोपाल। नगर निगम भोपाल में प्रशासनिक फैसलों के पीछे चल रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई है। राजस्व अधिकारी अर्जुन मेघानी को पद से हटाए जाने के बाद निगम की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। निगमायुक्त ने शनिवार को मेघानी को हटाने के आदेश जारी किए।
अर्जुन मेघानी नगर निगम में राजस्व वसूली से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वे गोविंदपुरा और मध्य विधानसभा क्षेत्रों में राजस्व वसूली की निगरानी कर रहे थे। उनके जिम्मे संबंधित जोन क्षेत्रों में टैक्स वसूली बढ़ाने और निगम की आय में वृद्धि करने की जिम्मेदारी थी।
शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, मेघानी के कामकाज को लेकर निगम प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इनमें टैक्स से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलों के लंबित रहने सहित अन्य प्रशासनिक मामलों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, इन शिकायतों और कार्रवाई को लेकर निगम प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया जा रहा है कि राजस्व वसूली की अपेक्षित प्रगति नहीं होने और कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बाद यह निर्णय लिया गया।
पदोन्नति को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
अर्जुन मेघानी को पिछले वर्ष सहायक राजस्व निरीक्षक पद से सीधे राजस्व अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई थी। इस नियुक्ति को लेकर निगम के भीतर पहले भी चर्चा रही है।
निगम के कर्मचारियों के अनुसार, सामान्य प्रक्रिया में राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक और अन्य पदों के क्रम के बाद राजस्व अधिकारी पद तक पहुंचा जाता है। ऐसे में मेघानी को मिली जिम्मेदारी को लेकर कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों ने आपत्ति जताई थी।
सूत्रों के मुताबिक, पदोन्नति के बाद वरिष्ठ राजस्व कर्मचारियों में भी नाराजगी थी और कुछ कर्मचारियों ने जोन प्रभारी जैसी जिम्मेदारियां लेने से इनकार किया था।
महापौर खेमे से नजदीकी की चर्चा
नगर निगम की राजनीति में मेघानी को महापौर के करीबी अधिकारियों में माना जाता रहा है। उनके हटाए जाने के बाद इसे महापौर और पूर्व महापौर खेमे के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, निगम प्रशासन की ओर से मेघानी को हटाने के पीछे किसी राजनीतिक दबाव की पुष्टि नहीं की गई है। आधिकारिक तौर पर यह निर्णय प्रशासनिक आधार पर लिया गया है।
नगर निगम में राजस्व वसूली हमेशा से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है। ऐसे में राजस्व विभाग के अधिकारी में बदलाव को आगामी समय में निगम की आय बढ़ाने और कार्यप्रणाली सुधारने की कवायद के रूप में भी देखा जा रहा है।