भोपाल में पेयजल गुणवत्ता की होगी सघन जांच, जल स्रोतों और पाइपलाइनों की निगरानी बढ़ाने को कहा
भोपाल। शहर में पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता को लेकर सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय निगरानी समिति और नगर निगम की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने गंदे पानी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने और नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पारंपरिक जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के साथ-साथ की प्रयोगशालाओं का भी प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि पानी की गुणवत्ता की लगातार और व्यापक जांच हो सके।
उन्होंने अधिकारियों को मुख्य पेयजल पाइपलाइनों का नियमित निरीक्षण करने और पानी से संबंधित शिकायतों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए।
जल स्रोतों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर
बैठक में कलेक्टर ने जल संसाधनों के संरक्षण और रचनात्मक उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि शहर के प्रमुख वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट और प्राकृतिक जल स्रोतों को पर्यावरण संरक्षण के साथ दर्शनीय स्थलों एवं पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि इससे लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और जल संसाधनों के महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।
कलेक्टर ने के तहत शोधित जल (ट्रीटेड वॉटर) के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यवहारिक और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
फायर एनओसी में लापरवाही पर सख्ती के निर्देश
बैठक में जल प्रबंधन के साथ अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि फायर एनओसी जारी करने और उसके पालन को लेकर प्रशासन सख्त नीति अपनाए।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक परिसरों और बहुमंजिला आवासीय भवनों में नियमित निरीक्षण किया जाए। जहां फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं हो रहा है, वहां आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर ने अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव की तैयारियों को परखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
नगर निगम ने बताई जल आपूर्ति व्यवस्था
बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त ने प्रजेंटेशन के माध्यम से शहर में जल उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि शहर के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। साथ ही नगरीय क्षेत्र के प्रमुख जल स्रोतों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।