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भोपाल: कोचिंग सेंटर और हाईराइज भवनों में फायर सेफ्टी अनिवार्य : तन्मय वशिष्ठ शर्मा

कोचिंग सेंटर और हाईराइज भवनों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश, 9 जुलाई तक फायर प्लान जमा करना होगा

भोपाल। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से भोपाल नगर निगम ने कोचिंग संस्थानों, बहुमंजिला (हाईराइज) भवनों और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के संचालकों एवं भवन स्वामियों के साथ बैठक आयोजित की। अटल भवन में आयोजित बैठक में अपर आयुक्त तन्मय वशिष्ठ शर्मा ने सभी संस्थानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में फायर विभाग के प्रभारी सौरभ पटेल सहित निगम के अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटरों, संस्थानों और हाईराइज भवनों के संचालक एवं भवन स्वामी उपस्थित रहे।

फिक्स्ड फायर सिस्टम और दो आपातकालीन निकास अनिवार्य

अपर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित भवनों में फिक्स्ड फायर फाइटिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। इसके साथ ही नियमानुसार पर्याप्त जल भंडारण, आवश्यक क्षमता का फायर पंप तथा कम से कम दो आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) उपलब्ध होना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आपातकालीन निकास के रास्तों पर किसी प्रकार का ज्वलनशील सामान, विद्युत उपकरण या अन्य अवरोध नहीं रखा जाए तथा ऑटोमैटिक लॉक वाले दरवाजों का उपयोग न किया जाए, ताकि आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी संभव हो सके।

बेसमेंट का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए

नगर निगम ने निर्देश दिया कि भवनों के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोर के रूप में किया जाए। इसके अतिरिक्त, 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले बेसमेंट में स्प्रिंकलर सिस्टम और ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा।

सभी फायर सुरक्षा प्रणालियों को हमेशा ऑटो मोड पर रखने, हूटर सिस्टम को आपस में जोड़ने तथा प्रत्येक चार माह में मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

कर्मचारियों और विद्यार्थियों को मिलेगा फायर सेफ्टी प्रशिक्षण

अपर आयुक्त ने कहा कि कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही संस्थानों के कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग का प्रशिक्षण तथा सुरक्षा कर्मियों को हाइड्रेंट सिस्टम संचालित करने का प्रशिक्षण दिया जाए।

भवनों में निर्गम मार्ग बाधारहित रखने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि भवनों के निकास मार्ग पूरी तरह बाधारहित रहें। निकास क्षेत्र में किसी भी प्रकार के विद्युत पैनल या उपकरण स्थापित न किए जाएं। भवन के प्रमुख स्थानों पर निकास मार्ग के संकेतक लगाए जाएं तथा फायर पंप एवं डिटेक्शन सिस्टम को डीजी सेट से बाईपास लाइन के माध्यम से जोड़ा जाए। साथ ही डीजी सेट को रिफ्यूज एरिया अथवा मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित न करने के निर्देश भी दिए गए।

नोटिस प्राप्त संस्थानों को 30 दिन में पूरी करनी होगी व्यवस्था

नगर निगम ने बताया कि जिन संस्थानों को पहले अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों के कारण नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें 200 रुपये के न्यायिक स्टाम्प पर अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। अग्निशमन संयंत्र स्थापित करने के लिए 30 दिनों से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा।

साथ ही सभी कोचिंग संस्थानों, अन्य संस्थानों और हाईराइज भवनों के संचालकों एवं भवन स्वामियों को अपने भवन का फायर प्लान तथा शपथ पत्र 9 जुलाई 2026 तक नगर निगम मुख्यालय अटल भवन की सातवीं मंजिल स्थित फायर ब्रिगेड शाखा में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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