भोपाल नगर निगम वार्ड-78 में सफाई व्यवस्था बदहाल: नालों में कचरा, सड़कों पर सीवेज और गंदे पानी से परेशान रहवासी
“बारिश से पहले नगर निगम की तैयारियों पर सवाल”
भोपाल, 29 जून।
बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन नगर निगम वार्ड-78 के कई इलाकों में जलभराव और गंदगी का खतरा बना हुआ है। रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में नालों और नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से कचरा जमा है। कई स्थानों पर सीवेज लाइन जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, वहीं नलों से दूषित पानी आने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
वार्ड-78 में करीब तीन दर्जन से अधिक कॉलोनियां आती हैं, जहां बड़ी संख्या में निम्न और मध्यम वर्गीय परिवार निवास करते हैं। रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में सफाई व्यवस्था कागजों तक सीमित नजर आ रही है। कई जगह झाड़ू तो लगती है, लेकिन कचरा उठाने की व्यवस्था नियमित नहीं होने से गंदगी दोबारा फैल जाती है।
नालों में जमा कचरा, बारिश में जलभराव का डर
वार्ड के कई हिस्सों में नाले कचरे से पटे हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश पूर्व नाला सफाई अभियान का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। करोद क्षेत्र के नाले की सफाई नहीं होने से आसपास की कॉलोनियों में बारिश के दौरान पानी भरने की आशंका बनी हुई है।
देवकी नगर की मुख्य सड़क पर भी लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी रहने की शिकायत सामने आई है। रहवासियों के अनुसार बारिश के दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों और सीवेज लाइनों की सफाई नहीं होने से एक तरफ जलभराव का खतरा बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर मच्छरों और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
रिकॉर्ड में 30 सफाई कर्मचारी, काम पर सिर्फ 12 होने का आरोप
वार्ड-78 की सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ा सवाल कर्मचारियों की उपलब्धता पर उठ रहा है। पार्षद मोहम्मद रियाज का कहना है कि रिकॉर्ड में वार्ड के लिए 30 सफाई कर्मचारी और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 20 कर्मचारी दर्ज हैं, लेकिन मौके पर लगभग 12 सफाई कर्मचारी ही काम कर रहे हैं।
पार्षद का आरोप है कि कई कर्मचारी क्षेत्र में सफाई कार्य करने के बजाय अन्य स्थानों पर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
राजस्व बढ़ा, लेकिन विकास कार्यों की रफ्तार पर सवाल
पार्षद मोहम्मद रियाज ने बताया कि उनके कार्यकाल से पहले वार्ड से संपत्ति कर के रूप में करीब एक करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता था, जो अब बढ़कर लगभग तीन करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके बावजूद क्षेत्र में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पाने से जनता परेशान है।
उन्होंने बताया कि अगस्त 2022 से अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये के विकास कार्य वार्ड में चल रहे हैं। वर्ष 2025-26 की पार्षद निधि के कार्यों की लगभग 75 प्रतिशत राशि बुक हो चुकी है।
उनके अनुसार अमृत योजना के तहत सीवेज और पेयजल से जुड़े कार्यों के कारण कई सड़कों के निर्माण कार्य प्रभावित हुए हैं।
पार्षद ने लगाया पक्षपात का आरोप
पार्षद मोहम्मद रियाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से पार्षद होने के कारण वार्ड के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई, पानी, सीवेज और सड़क जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर परिषद और अधिकारियों के सामने कई बार मुद्दा उठाया गया है, लेकिन समाधान की गति धीमी है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर वह लगातार सुबह से रात तक सक्रिय रहते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी और प्रशासनिक सहयोग नहीं मिलने से समस्या बनी हुई है।
35 से अधिक कॉलोनियों में फैली समस्याएं
वार्ड-78 के अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी करोंद, स्वामी विवेकानंद कॉलोनी, संजय नगर, अमन कॉलोनी, मोतीलाल नगर, एकता बिलाल कॉलोनी, वकील कॉलोनी, रुसल्ली गांव, राजीव कॉलोनी, फिजा कॉलोनी, आशियाना कॉलोनी, विश्वकर्मा नगर फेस-1, 2 और 3, पारस नगर, कपिला नगर, नीलकंठ कॉलोनी, शिव नगर, हनीफ कॉलोनी, मुरली नगर, जनता नगर, सुंदर नगर, आराधना नगर, सुपर स्टेट कॉलोनी, पारस हाईट्स, कोरल लाइफ, पंचवटी कॉलोनी, कृष्णा नगर, पारस बिहार, व्यंकटेश कॉलोनी, उमरा बिहार, मयूर बिहार, गंगा नगर, सूर्या नगर और गैस राहत क्षेत्र सहित कई इलाके शामिल हैं।
रहवासियों की शिकायतें: सफाई, पानी और सीवेज बनी बड़ी समस्या
रतनलाल वाधवानी, विश्वकर्मा नगर
“सफाई कभी-कभी होती है। कचरा वाहन आता है, लेकिन नालियों की सफाई नियमित नहीं होती।”
गिर्राज सिंह, विश्वकर्मा नगर
“सीवेज लाइन जाम रहती है। सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता है और नलों से भी खराब पानी आने की समस्या है।”
शिवनारायण लिटोरिया, कृष्णा नगर
“नालियां साफ नहीं हुई हैं। कचरा जमा रहता है और सड़कें उखड़ी होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है।”
इकबाल, आशियाना कॉलोनी
“कई बार रात में पानी आता है और पानी की गुणवत्ता खराब रहती है। नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी फैली रहती है।”
मो. जावेद, गंगा नगर
“नालों की सफाई नहीं हुई है। बारिश में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कचरा भी कई दिनों तक नहीं उठता।”
इमाम, जनता नगर
“नालियों की सफाई नहीं होने से बारिश के समय घरों के आसपास पानी भरने का डर है।”
साफिया बानो, हनीफ कॉलोनी
“गली नंबर दो और 16 में नाली की समस्या है। नाली का ढाल गलत होने से पानी मकानों की ओर जमा होता है।”
महफूज अली, अजीजा बी मस्जिद क्षेत्र
“सामने के नाले की सफाई नहीं हुई है। लगातार बारिश हुई तो जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।”
अनस खान, फिजा कॉलोनी
“झाड़ू नियमित नहीं लगती। नाले कचरे से भरे हैं और नलों से गंदा पानी आने की शिकायत है।”
गीता बाथम, करोंद क्षेत्र
“नालियां नहीं होने से बारिश में सड़क पर पानी भर जाता है। पानी में बदबू आने की समस्या भी है।”
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बारिश से पहले सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
वार्ड-78 की स्थिति नगर निगम की मानसून पूर्व तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है। जहां एक ओर प्रशासन जलभराव रोकने के लिए नालों की सफाई के दावे करता है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय रहवासी जमीन पर अलग तस्वीर होने की बात कह रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि बारिश के दौरान जलभराव रोकने और सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।