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भोपाल: किसानों को बड़ी राहत, अब प्लास्टिक की केन में मिलेगा 100 लीटर डीजल, पेट्रोल की बोतल बिक्री पर प्रतिबंध जारी

भोपाल प्रशासन ने खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों और अति आवश्यक सेवाओं के लिए 100 लीटर तक डीजल प्लास्टिक की मानक केन में देने की अनुमति दी है। पेट्रोल-डीजल की बोतलों में बिक्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

भोपाल में किसानों को राहत: अब प्लास्टिक की केन में मिलेगा 100 लीटर डीजल, अति आवश्यक सेवाओं को भी मिलेगी सुविधा

भोपाल। खरीफ फसल की बुआई के दौरान किसानों को डीजल उपलब्ध कराने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए भोपाल जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण राहत दी है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) प्रकाश नायक ने आदेश जारी कर किसानों तथा अति आवश्यक सेवाओं के लिए सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्लास्टिक की केन में 100 लीटर तक डीजल उपलब्ध कराने की अनुमति दी है।

हालांकि, बोतलों या अन्य असुरक्षित पात्रों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर प्रतिबंध पहले की तरह प्रभावी रहेगा।

खरीफ सीजन को देखते हुए लिया गया निर्णय

बारिश शुरू होने के साथ प्रदेश में खरीफ फसलों की बुआई का कार्य तेज हो गया है। ऐसे में खेतों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों के लिए डीजल की आवश्यकता बढ़ गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया है।

आदेश के अनुसार भोपाल जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्लास्टिक की केनों में ही डीजल उपलब्ध कराएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

अस्पताल और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी मिलेगा लाभ

यह व्यवस्था केवल किसानों तक सीमित नहीं रहेगी। अस्पतालों, आवश्यक संस्थानों तथा डीजल से संचालित जनरेटर चलाने वाली अन्य अति आवश्यक सेवाओं को भी मानक प्लास्टिक की केन में 100 लीटर तक डीजल दिया जा सकेगा।

डीजल लेने वाले उपभोक्ताओं को उसके उपयोग का उद्देश्य और आवश्यक जानकारी पेट्रोल पंप संचालक को उपलब्ध करानी होगी।

नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पेट्रोल पंप संचालक निर्धारित सुरक्षा मानकों या आदेश का पालन नहीं करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त के निर्देश के बाद कलेक्टर को मिले थे अधिकार

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त ने 16 जून 2026 को जारी निर्देशों में खरीफ फसलों, अत्यावश्यक सेवाओं और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया था। इसी के तहत भोपाल प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है।

1 जुलाई से हट चुकी है डीजल आपूर्ति की सीमा

ईरान-इजराइल संघर्ष के दौरान डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल पंपों पर एक उपभोक्ता को अधिकतम 200 लीटर डीजल देने की सीमा तय की गई थी। बाद में आपूर्ति सामान्य होने पर 1 जुलाई 2026 से यह सीमा समाप्त कर दी गई।

होटल व्यवसायियों ने भी जताई आवश्यकता

भोपाल होटल व्यवसायी एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने कहा कि कई होटलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर डीजल जनरेटर चलाने पड़ते हैं। कुछ होटल डीजल आधारित भट्टियों का भी उपयोग करते हैं, इसलिए डीजल की सुगम उपलब्धता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे जिला प्रशासन से भी चर्चा करेंगे।

वहीं, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि एडीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसान और अति आवश्यक सेवाएं सुरक्षा मानकों का पालन करने वाली प्लास्टिक की केनों में 100 लीटर तक डीजल पेट्रोल पंपों से प्राप्त कर सकती हैं।

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