जनसुनवाई में पहुंचीं 121 शिकायतें, जीपीएफ से लेकर बिजली बिल तक की समस्याएं

मेट्रो निर्माण में दुकान टूटने के मुआवजे, आंगनबाड़ी भुगतान और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं
भोपाल, 8 सितंबर। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में लोगों ने अपनी अलग-अलग समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान कुल 121 शिकायती आवेदन प्राप्त हुए। इनमें जीपीएफ की राशि खाते में दर्ज नहीं होने, बिजली का अधिक बिल आने, मेट्रो निर्माण में दुकान टूटने के मुआवजे, आंगनबाड़ी केंद्र के काम का भुगतान अटकने और आयुष्मान कार्ड अपडेट कराने के नाम पर बैंक खाता खोलने जैसी शिकायतें शामिल रहीं।
26 साल पुरानी जीपीएफ राशि का हिसाब नहीं
गैस राहत विभाग के कर्मचारी प्रशांत उपाध्याय ने शिकायत में बताया कि अगस्त 1998 में उनके वेतन से जीपीएफ की राशि काटी गई थी, लेकिन यह रकम उनके जीपीएफ खाते में दर्ज नहीं हुई। वर्ष 2027 में उनकी सेवानिवृत्ति प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
प्रशांत उपाध्याय ने वर्ष 1998 में वेतन से की गई जीपीएफ कटौती से संबंधित बिल, वाउचर और प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की। शिकायत सुनने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने संबंधित अधिकारी को मामले का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए।
हर महीने बिजली बिल जमा, फिर भी आया 60 हजार का बिल
मुगालिया हाट निवासी देवी बाई प्रजापति ने बिजली बिल को लेकर शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह हर महीने नियमित रूप से बिजली का बिल जमा करती हैं। इसके बावजूद अगस्त महीने में करीब 60 हजार रुपए का बिजली बिल भेज दिया गया। उन्होंने मीटर रीडिंग और बिल की जांच कराने की मांग की।
जनसुनवाई में शिकायत सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी को मामले की जांच कर जल्द राहत देने के निर्देश दिए गए। शिकायतकर्ता ने बिल की वास्तविक खपत के आधार पर दोबारा जांच कराने की मांग की है।
मेट्रो निर्माण में दुकान टूटने का मुआवजा मांगा
काजी कैंप-बैरसिया रोड निवासी जीशान खान ने मेट्रो निर्माण से जुड़ी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशन के निर्माण में उनकी पुश्तैनी चाय-नाश्ते की दुकान टूटने वाली है। उनके अनुसार निर्माण से प्रभावित अन्य लोगों को मुआवजा दिया जा रहा है, लेकिन उनका नाम मुआवजा पाने वालों की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
जीशान खान ने अधिकारियों से दुकान टूटने के बदले नियमानुसार मुआवजा दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि दुकान लंबे समय से उनके परिवार की आजीविका का साधन रही है।
आंगनबाड़ी के काम के दो लाख रुपए अटके
नीरज कुमार ने आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और पुताई के काम का भुगतान नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र में करीब दो लाख रुपए का काम कराया था। भुगतान के लिए चेक प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी की गई, लेकिन इसके बावजूद राशि का भुगतान नहीं किया गया।
नीरज कुमार ने लंबित भुगतान दिलाने की मांग की। शिकायत पर सुनवाई करते हुए संबंधित महिला एवं बाल विकास अधिकारी को जल्द राशि का भुगतान कराने के निर्देश दिए गए।
आयुष्मान अपडेट के नाम पर बैंक खाता खोलने का आरोप
परेवाखेड़ा निवासी शाजिया खान ने आयुष्मान कार्ड अपडेट कराने के नाम पर बैंक खाता खोले जाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुष्मान कार्ड अपडेट करने के नाम पर उनके नाम से जियो पेमेंट बैंक में खाता खोल दिया गया। उनका मोबाइल नंबर भी खाते में दर्ज नहीं किया गया।
शाजिया खान ने आशंका जताई कि सरकारी योजनाओं से मिलने वाली राशि उनके वास्तविक खाते के बजाय किसी गलत खाते में जा सकती है। उन्होंने मामले की जांच कर बैंक खाते से संबंधित जानकारी स्पष्ट करने और सरकारी योजनाओं की राशि सुरक्षित रखने की मांग की।
जनसुनवाई में अधिकारियों ने सभी शिकायतों को दर्ज कर संबंधित विभागों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। अधिकारियों ने शिकायतों की जांच कर पात्र मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।





