वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने सागर में प्रेस वार्ता के दौरान 2717 कर्मचारियों की पदोन्नति, 8वें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन, रेलवे कॉलोनियों, चिकित्सा सुविधाओं और कर्मचारी हितों से जुड़ी प्रमुख मांगों पर विस्तार से जानकारी दी।
रेल कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए संगठन निरंतर संघर्षरत: अशोक शर्मा, 2717 कर्मचारियों को मिली पदोन्नति
सागर। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के संयुक्त महामंत्री अशोक शर्मा ने कहा कि संगठन रेल कर्मचारियों के विश्वास पर पूरी तरह खरा उतरने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2024 में हुए यूनियन मान्यता चुनाव में कर्मचारियों ने वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ को पूर्ण बहुमत देकर पूरे जोन की एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन बनाया। इसके बाद संगठन ने कर्मचारियों के हितों से जुड़े अनेक मुद्दों पर प्रभावी पहल की है।
सागर में आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ के प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि संगठन ने पदोन्नति, वेतन, पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं, रेलवे कॉलोनियों के विकास और विभिन्न कैडरों की लंबित मांगों को रेलवे प्रशासन और रेलवे बोर्ड के समक्ष लगातार उठाया है।
2717 कर्मचारियों को मिला पदोन्नति का लाभ
अशोक शर्मा ने बताया कि संगठन के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप जबलपुर मंडल में जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच कुल 2,717 रेल कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला। इनमें दिसंबर 2025 में ही 800 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई, जिससे उन्हें 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले आठवें वेतन आयोग के तहत वेतन निर्धारण का लाभ मिल सके।
एलडीसीई ओपन टू ऑल से बढ़े पदोन्नति के अवसर
उन्होंने कहा कि एलडीसीई (LDCE) ओपन टू ऑल व्यवस्था का उद्देश्य सभी कर्मचारियों को समान अवसर उपलब्ध कराना है। संगठन के प्रयासों से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को एकमुश्त छूट दिलाकर सहायक लोको पायलट की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला। ट्रैक मेंटेनर सहित कई कर्मचारी चयनित हुए। रिक्त पद कम होने से लगभग 52 कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह गए थे, लेकिन रेलवे बोर्ड स्तर पर लगातार प्रयासों के बाद उन्हें भी सहायक लोको पायलट बनने का अवसर मिला।
ट्रेन मैनेजर भर्ती में अन्य विभागों को भी मिले अवसर
महामंत्री ने बताया कि ट्रेन मैनेजर कैडर के रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा एलडीसीई ओपन टू ऑल के तहत अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
8वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन की मांग
अशोक शर्मा ने केंद्र सरकार से आठवें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करने तथा न्यूनतम 3.84 फिटमेंट फैक्टर निर्धारित करने की मांग की। साथ ही सभी रेल कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समान कार्य के लिए समान वेतन की वकालत
उन्होंने कहा कि सभी विभागों में “समान कार्य के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू होना चाहिए। कर्मचारियों के कार्य की प्रकृति को देखते हुए उन्हें रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस भी दिया जाना चाहिए और कार्य घंटों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।
बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग
महामंत्री ने कर्मचारियों के माता-पिता को रेलवे पास एवं पीटीओ सुविधा देने, रेलवे अस्पतालों में नियमित चिकित्सकों की नियुक्ति, पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
रेलवे कॉलोनियों में आधुनिक सुविधाओं पर जोर
उन्होंने कहा कि रेलवे आवासों की स्थिति में व्यापक सुधार किया जाना चाहिए। रेलवे कॉलोनियों में स्वच्छ पेयजल, नियमित सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल मैदान, जिम और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए ताकि कर्मचारियों और उनके परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।
रनिंग रूम और टीटीई रेस्ट हाउस में सुधार की आवश्यकता
अशोक शर्मा ने रनिंग रूम में भोजन एवं अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर करने की मांग की। साथ ही टीटीई रेस्ट हाउस को भी रनिंग रूम की तर्ज पर सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित करने की आवश्यकता बताई।
ट्रैक मेंटेनर और महिला कर्मचारियों के लिए विशेष मांगें
उन्होंने ट्रैक मेंटेनर कैडर के पुनर्गठन, ग्रेड पे 4200 तक पदोन्नति के अवसर तथा बेहतर कैरियर ग्रोथ की मांग की। ट्रैक पर कार्यरत कर्मचारियों को आधुनिक ट्रैक प्रोटेक्शन और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। महिला ट्रैक मेंटेनर एवं महिला रनिंग स्टाफ को उनकी इच्छा के अनुसार अन्य विभागों में समायोजन का अवसर देने की मांग भी रखी गई।
एस एंड टी कर्मचारियों और रनिंग स्टाफ के लिए प्रस्ताव
उन्होंने एस एंड टी विभाग के कर्मचारियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी के बाद रिलीवर स्टाफ की व्यवस्था, फेलियर अटेंड करने वाले कर्मचारियों को फेलियर अलाउंस तथा समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा पॉइंट्समैन को उच्च गुणवत्ता वाले सेफ्टी गियर, नई कैडर रीस्ट्रक्चरिंग, लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर को ग्रेड पे 4800 तक पदोन्नति तथा वरिष्ठ सुपरवाइजरों को रेलवे बोर्ड के आदेश 155/2022 के अनुरूप अधिक प्रभावी लाभ देने की बात कही। सीएलआई कैडर को भी इसमें शामिल करने और टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग कैडर का दर्जा देने की मांग रखी गई।
शिक्षा भत्ते का दायरा बढ़ाने की मांग
महामंत्री ने कहा कि वर्तमान में कक्षा 12वीं तक मिलने वाले चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस का विस्तार स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि रेल कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ को कर्मचारियों के व्यापक समर्थन और विश्वास के कारण महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। संगठन भविष्य में भी कर्मचारियों के कल्याण, सेवा शर्तों में सुधार तथा भारतीय रेलवे के सर्वांगीण विकास के लिए सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
इस अवसर पर शाखा सागर के अध्यक्ष बनवारी लाल मीना, सचिव डॉ. मोहम्मद शमशाद, जबलपुर मंडल के संरक्षक अनुज तिवारी, राघवेंद्र सिंह दीवान, अशोक कुमार परिहार, बी.सी. निरंजन, लोकेश मीणा, अखलेश अहिरवार, रामकेश मीणा, आर.एस. पाल, बलवीर सिंह, रामेश्वर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।