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रेलवे बोर्ड तक पहुँची ‘रेल की धड़कन’ पुस्तक, ट्रेन मैनेजर कैडर की भूमिका को मिला नया मंच

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में ट्रेन मैनेजरों की भूमिका, जिम्मेदारियों और चुनौतियों को प्रमुखता से सामने लाने के उद्देश्य से ऑल इंडिया ट्रेन मैनेजर ग्रुप (AITMG) द्वारा प्रकाशित पुस्तक “रेल की धड़कन – Train Manager” रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों को भेंट की गई।

AITMG के अनुसार, पुस्तक रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), विभिन्न बोर्ड सदस्यों, Member Operations & Business Development (MOBD), कार्यकारी निदेशकों (Executive Directors), निदेशकों तथा ट्रैफिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सप्रेम भेंट की गई। संगठन का दावा है कि अधिकारियों ने पुस्तक का स्वागत करते हुए इसे ट्रेन मैनेजरों की भूमिका को समझने में उपयोगी बताया।

संगठन के अनुसार, “रेल की धड़कन” केवल एक पुस्तक नहीं बल्कि भारतीय रेलवे के ट्रेन मैनेजरों के कार्य, दायित्व, सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों, परिचालन प्रबंधन, समयपालन तथा आपदा जैसी परिस्थितियों में उनकी भूमिका का दस्तावेज़ है। पुस्तक का उद्देश्य इस कैडर के योगदान को व्यापक स्तर पर रेखांकित करना है।

AITMG ने कहा कि इस पहल का मकसद केवल पुस्तक का प्रकाशन नहीं, बल्कि ट्रेन मैनेजर कैडर की वास्तविक कार्यप्रणाली और चुनौतियों को रेलवे प्रशासन, नीति-निर्माताओं तथा समाज के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है। संगठन का मानना है कि रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों तक पुस्तक का पहुँचना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में ट्रेन मैनेजरों से जुड़े मुद्दों और अपेक्षाओं पर सकारात्मक संवाद की संभावना बढ़ेगी।

संगठन ने इसे पूरे देश के हजारों ट्रेन मैनेजरों के सम्मान, आत्मगौरव और एकजुटता का प्रतीक बताते हुए कहा कि AITMG आगे भी ट्रेन मैनेजर कैडर की पहचान, गरिमा और उचित सम्मान के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

AITMG के अनुसार, “रेल की धड़कन – Train Manager” अब केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि देशभर के ट्रेन मैनेजर समुदाय की सामूहिक आवाज़ के रूप में स्थापित हो रही है।यदि चाहें, मैं इसे

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