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नगर निगम की तर्ज पर पीएचई विभाग में भी पदोन्नति की मांग, सीपीसीटी की अनिवार्यता हटाने का ज्ञापन

भोपाल, 23 जुलाई। राज्य शासकीय कर्मचारी अधिकार संरक्षण संघ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग और पीएचई विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर पदोन्नति में सीपीसीटी (CPCT) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है।

संघ के निवर्तमान अध्यक्ष एवं संरक्षक शील प्रताप सिंह पुण्डीर, प्रांतीय अध्यक्ष व्यास मुनि चौबे और कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. देवीसिंह सनोडिया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अपर सचिव के.वी.एस. चौधरी से मुलाकात की।

संघ का कहना है कि विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रिक्त सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देने से पहले सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने और स्कोर कार्ड प्रस्तुत करने की शर्त लगाई जा रही है। कर्मचारियों के अनुसार यह प्रावधान भर्ती नियमों के अनुरूप नहीं है और इससे पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति लंबे समय से अटकी हुई है।

ज्ञापन में मांग की गई कि पात्रता के आधार पर पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं तथा पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता समाप्त की जाए। इस पर अपर सचिव के.वी.एस. चौधरी ने पदोन्नति नियमों के अनुसार मामले का परीक्षण कर समाधान का आश्वासन दिया।

नगर निगम का दिया उदाहरण

संघ ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि भोपाल नगर निगम में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति देते समय सीपीसीटी परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता नहीं रखी गई है। इसलिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में भी समान व्यवस्था लागू करते हुए कर्मचारियों को बिना सीपीसीटी की शर्त के पदोन्नति का लाभ दिया जाए।

संघ का कहना है कि पदोन्नति के मामलों में एक समान नीति अपनाई जानी चाहिए, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति मिल सके।

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