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गोहद की सांस्कृतिक विरासत को विधानसभा में मिली आवाज, विधायक केशव देसाई ने उठाया ‘गौ-हद धाम’ का मुद्दा

‘ब्रज क्षेत्र–गौ-हद धाम जनअभियान’ को मिली नई गति, धार्मिक पर्यटन और धरोहर संरक्षण की मांग

भिंड/भोपाल। गोहद की प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को लेकर चल रहे “ब्रज क्षेत्र–गौ-हद धाम जनअभियान” को नई गति मिली है। गोहद विधायक केशव देसाई ने मध्यप्रदेश विधानसभा में ध्यान आकर्षण सूचना के माध्यम से गोहद की धरोहरों के संरक्षण, वैज्ञानिक अध्ययन और पर्यटन विकास का मुद्दा उठाया।

ध्यान आकर्षण सूचना में गोहद के प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक किलों, नगर परकोटे, देवस्थानी संपत्तियों, संत परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं समग्र विकास की आवश्यकता पर शासन का ध्यान आकर्षित किया गया। साथ ही इन धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया गया।

अभियान से जुड़े लोगों ने इसे गोहद की सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक गौरव को पुनर्स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उनका कहना है कि यदि गोहद को “गौ-हद धाम” के रूप में विकसित कर श्रीकृष्ण गमन पथ और धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाता है, तो इससे अटेर, दंदरौआ धाम, रावतपुरा धाम, खनेता धाम, जमादारा धाम, सनकुआँ धाम, काकनमठ और कुंतलपुर सहित पूरे भिंड जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल सकती है।

अभियान के समर्थकों का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और चंबल अंचल की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने सभी जनप्रतिनिधियों, संत समाज, इतिहासकारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से इस पहल में सहयोग करने की अपील की है।

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