Uncategorized

ऑटिज़्म और बौद्धिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों के लिए खुलेगा नया खेल मंच, इंडिया ऑटिज़्म सेंटर और स्पेशल ओलंपिक्स भारत के बीच हुआ एमओयू

नई दिल्ली। समावेशी खेलों को बढ़ावा देने और ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम तथा अन्य तंत्रिका-विकासात्मक स्थितियों वाले व्यक्तियों को खेल के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंडिया ऑटिज़्म सेंटर (आईएसी) और स्पेशल ओलंपिक्स भारत के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य विशेष आवश्यकताओं वाले खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और विकास के नए अवसर तैयार करना है।

इंडिया ऑटिज़्म सेंटर, जो ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम एवं संबंधित तंत्रिका-विकासात्मक स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए समग्र सहायता प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, ‘समावेश’ नामक भारत की प्रमुख आवासीय ऑटिज़्म सहायता एवं देखभाल सुविधा का संचालन करता है। वहीं स्पेशल ओलंपिक्स भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल महासंघ है, जो बौद्धिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ियों को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए कार्य करता है।

खेल प्रशिक्षण और सुविधाओं तक बढ़ेगी पहुंच

यह समझौता 11 जून 2026 से प्रभावी होगा और तीन वर्षों तक लागू रहेगा। इसके तहत आईएसी खेल केंद्र, स्पेशल ओलंपिक्स भारत के लिए एक प्रमुख स्थल सहयोगी के रूप में कार्य करेगा। यहां खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण शिविर, अभ्यास सत्र, प्रतियोगिताएं, टूर्नामेंट और समावेशी मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस साझेदारी के माध्यम से खिलाड़ियों को सुरक्षित, सुगम और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपनी खेल प्रतिभा को विकसित कर सकें। आईएसी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, मूल्यांकन गतिविधियों और क्षेत्रीय खेल पहलों के आयोजन में भी सहयोग करेगा।

विशेष खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर

एमओयू पर आईएसी पैट्रन्स फाउंडेशन के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयशंकर नटराजन तथा मल्लिका नड्डा ने हस्ताक्षर किए।

जयशंकर नटराजन ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमताओं को पहचानने, आत्मविश्वास विकसित करने और समाज में सक्रिय भागीदारी करने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पेशल ओलंपिक्स भारत के साथ यह साझेदारी ऐसे मंच तैयार करने में मदद करेगी, जहां ऑटिज़्म और विकासात्मक दिव्यांगताओं वाले व्यक्ति खेलों के माध्यम से अपनी क्षमता को सामने ला सकेंगे।

उन्होंने कहा कि संरचित प्रशिक्षण, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और सामुदायिक सहयोग खिलाड़ियों को आत्मनिर्भरता और उपलब्धि की भावना विकसित करने में सहायता करेंगे।

जमीनी स्तर से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयार होंगे अवसर

डॉ. मल्लिका नड्डा ने कहा कि खेल समाज में जुड़ाव, आत्मविश्वास और समावेशन को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम हैं। आईएसी के साथ यह सहयोग खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं और सहयोगात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाएं मिलकर जमीनी स्तर पर खेल भागीदारी को मजबूत करेंगी और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के लिए तैयार करेंगी।

अनुसंधान और ज्ञान-विकास पर भी होगा सहयोग

इस समझौते के तहत अनुकूलित खेलों, ऑटिज़्म, समावेशन और सामुदायिक सहभागिता से जुड़े संयुक्त अनुसंधान कार्यक्रमों की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। दोनों संस्थाएं संयुक्त प्रकाशनों, प्रशिक्षण मॉडल और परिणाम आधारित योजनाओं के विकास की दिशा में सहयोग करेंगी।

स्पेशल ओलंपिक्स भारत अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म, वेबसाइट, एप्लीकेशन और सोशल मीडिया माध्यमों पर आईएसी खेल केंद्र को आधिकारिक स्थल सहयोगी के रूप में मान्यता देगा। इससे समावेशी खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और विशेष जरूरतों वाले खिलाड़ियों के लिए समान अवसरों के महत्व को मजबूती मिलेगी।

यह साझेदारी भारत में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एक ऐसे खेल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जहां प्रतिभा, मेहनत और क्षमता के आधार पर हर खिलाड़ी को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

Related Articles