SAFE CLICK 2.0’ अभियान: भोपाल पुलिस ने स्कूल-कॉलेज विद्यार्थियों और बैंक कर्मचारियों को दिए साइबर सुरक्षा के टिप्स
ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के बताए तरीके
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘SAFE CLICK 2.0’ (साइबर सेफ 2.0) अभियान के तहत भोपाल पुलिस कमिश्नरेट द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और बैंकिंग संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत गुरुवार को भोपाल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और माइक्रो बीट कर्मचारियों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और बैंक कर्मचारियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
खालसा और रेड रोज स्कूल में विद्यार्थियों को दी साइबर सुरक्षा की जानकारी
थाना हनुमानगंज के माइक्रो बीट अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खालसा हायर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में करीब 120 छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई।
इसके साथ ही थाना हनुमानगंज पुलिस ने रेड रोज स्कूल, सिंधी कॉलोनी में विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए।
कार्यक्रम में भारत सरकार के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी गई।
बैंक कर्मचारियों को साइबर फ्रॉड से बचाव के बताए तरीके
थाना शाहजहांनाबाद पुलिस ने सुल्तानिया एसबीआई बैंक में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर बैंक के प्रशिक्षु अधिकारियों (Trainees) को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव की जानकारी दी।
इस दौरान पुलिस माइक्रो बीट अधिकारियों और साइबर टीम के सदस्यों ने बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले डिजिटल फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन ठगी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने के उपाय बताए।
चुनाभट्टी में विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिलाई साइबर सुरक्षा की शपथ
थाना चुनाभट्टी क्षेत्र स्थित शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एसीपी आलोक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड और अन्य साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने सभी को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने, संदिग्ध साइबर गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी शपथ भी दिलाई गई।
साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत करें: भोपाल पुलिस
भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस ने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।