सेफ क्लिक-2.0 अभियान: पन्ना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
नारियल सप्लाई के नाम पर व्यवसायी से 7.50 लाख रुपये की ठगी, 4.95 लाख रुपये नकद और मोबाइल जब्त
भोपाल, 25 जून 2026। मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘सेफ क्लिक-2.0’ साइबर जागरूकता एवं सुरक्षा अभियान के तहत पन्ना पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नारियल सप्लाई के नाम पर एक व्यवसायी से करीब 7 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी की थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 95 हजार रुपये नगद और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर अलग-अलग राज्यों से कुल 25 शिकायतें दर्ज हैं।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बनाया था ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, देवेन्द्रनगर निवासी एक व्यवसायी ने अपने मिनी मार्केट के लिए 25 टन नारियल खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आवश्यकता दर्ज की थी।
इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को ‘केरल फॉर्च्यून ट्रेडर्स’ का प्रतिनिधि बताते हुए व्यवसायी से संपर्क किया और कम कीमत पर नारियल उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
आरोपी ने फर्म के दस्तावेज, जीएसटी नंबर, ट्रक और चालक से जुड़ी जानकारी भेजकर व्यवसायी का विश्वास हासिल किया। इसके बाद व्यवसायी ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खातों में अलग-अलग माध्यमों से कुल 7 लाख 50 हजार रुपये जमा कर दिए।
राशि प्राप्त होने के बाद आरोपी और कथित ट्रक चालक ने संपर्क बंद कर दिया तथा नारियल की सप्लाई भी नहीं की गई।
तकनीकी जांच के बाद उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलने के बाद थाना देवेन्द्रनगर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पन्ना निवेदिता नायडू के निर्देशन में विशेष जांच दल और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच टीम ने बैंकिंग लेन-देन, मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की। लगातार निगरानी और समन्वित कार्रवाई के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।
जस्ट डायल से नंबर लेकर करते थे संपर्क
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे जस्ट डायल से प्राप्त मोबाइल नंबरों पर संपर्क करते थे। पीड़ित व्यक्ति को जिस वस्तु की जरूरत होती थी, उसी के अनुसार बातचीत कर भरोसा जीतते थे और अग्रिम भुगतान के नाम पर रकम जमा कराकर साइबर ठगी करते थे।
पुलिस ने व्यापारियों और आम नागरिकों से की अपील
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन व्यापारिक लेन-देन करने से पहले संबंधित फर्म, बैंक खाता, जीएसटी विवरण और संपर्क सूत्रों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन जरूर करें।
पुलिस ने कहा कि केवल ऑनलाइन भेजे गए दस्तावेजों के आधार पर बड़ी रकम का भुगतान नहीं करना चाहिए। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।