बीएमएचआरसी नर्सिंग कॉलेज में प्रभारी प्राचार्य को लेकर सवाल

एनएसयूआई ने प्रभा अग्निभोज की पात्रता और प्रभार देने की प्रक्रिया की जांच की मांग की
भोपाल। आईसीएमआर-बीएमएचआरसी के नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य पद के प्रभार को लेकर एनएसयूआई ने सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि प्राचार्य का पद रिक्त होने के दौरान उप प्राचार्य प्रभा अग्निभोज को प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया है। उन्होंने इस मामले में नियुक्ति प्रक्रिया और संबंधित नियमों के पालन की जांच की मांग की है।
एनएसयूआई का कहना है कि नर्सिंग कॉलेज में प्राचार्य पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के निर्धारित मानकों का पालन जरूरी है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल के उपलब्ध मानकों के अनुसार प्राचार्य-कम-प्रोफेसर पद के लिए एमएससी नर्सिंग के साथ निर्धारित अनुभव आवश्यक है।
जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि प्रभा अग्निभोज की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, पंजीयन और प्राचार्य पद के लिए पात्रता से जुड़े दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। संगठन ने मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल से भी मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
बीएमएचआरसी के रिकॉर्ड में प्राचार्य पद की भर्ती प्रक्रिया
बीएमएचआरसी की वेबसाइट पर जनवरी 2025 में नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य पद के लिए अनुबंध आधार पर भर्ती का परिणाम प्रकाशित हुआ था। इसमें डॉ. प्रोफ. मनीषा कौशल का चयनित उम्मीदवार के रूप में उल्लेख है। वहीं बीएमएचआरसी की वेबसाइट पर 1 अगस्त 2026 को नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य के स्थायी पद के लिए प्रतिनियुक्ति आधार पर भर्ती का विज्ञापन भी दर्ज है।
बीएमएचआरसी की वेबसाइट के एक पुराने रिकॉर्ड में प्रभा अग्निभोज का उल्लेख नर्सिंग कॉलेज की लेक्चरर के रूप में भी मिलता है।
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। संगठन ने समयबद्ध जांच नहीं होने पर मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल कार्यालय के घेराव की चेतावनी भी दी है।





