चेन्नई में ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया’ के रूप में सामने आया मध्यप्रदेश

इंडिया टूरिज्म समिट में पर्यटन विकास और निवेश की संभावनाएं बताईं
भोपाल। चेन्नई में आयोजित इंडिया टूरिज्म समिट 2026 में मध्यप्रदेश ने अपनी प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के साथ पर्यटन के नए क्षेत्रों को देश-विदेश के पर्यटन उद्योग के प्रतिनिधियों के सामने प्रस्तुत किया। समिट में पर्यटन सचिव एवं एमपी टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने ‘द बीटिंग हार्ट ऑफ इंडिया-डिस्कवरिंग ए न्यू वर्ल्ड’ विषय पर प्रदेश के पर्यटन विकास का विजन साझा किया।
डॉ. इलैयाराजा ने कहा कि मध्यप्रदेश अब पर्यटन की पारंपरिक परिभाषा से आगे बढ़कर ऐसा पर्यटन इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसमें विरासत, प्रकृति, आध्यात्मिकता, संस्कृति, रोमांच और अनुभव आधारित पर्यटन को जोड़ा जा रहा है। वाइल्डलाइफ, ईको, ग्रामीण, हेरिटेज, जनजातीय, वेलनेस, एडवेंचर, मेडिकल और गोल्फ टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रदेश में फॉर्सिथ ट्रेक, पेंच मोगली ट्रेक, तवा-मढ़ई साइकिलिंग, बेतवा रिवर राफ्टिंग और पेंच मोनोलिथ्स ट्रेल जैसे नए अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उज्जैन को स्काईडाइविंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। विभाग के अनुसार 2022 से अब तक 1,200 से अधिक लोग स्काईडाइविंग कर चुके हैं।
फिल्म पर्यटन को भी बढ़ावा
मध्यप्रदेश के कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा और कूनो सहित वन्यजीव क्षेत्र पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 12 राष्ट्रीय उद्यान और 24 वन्यजीव अभयारण्य हैं। वहीं फिल्म पर्यटन के तहत अब तक 502 फिल्मों की शूटिंग होने और करीब 1,200 करोड़ रुपए के निवेश से लगभग 1.5 लाख रोजगार अवसर जुड़ने का दावा किया गया। समिट में मध्यप्रदेश पर्यटन की कॉर्पोरेट फिल्म भी प्रदर्शित की गई। अतिथियों को प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी कराया गया।





