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केरवा डैम में पानी के बहाव पर पर्यावरणविद् ने जताई आपत्ति, 15 दिन में स्थिति सुधारने के निर्देश

एफटीएल सीमा पर एनजीटी में सर्वे रिपोर्ट पेश

अगली सुनवाई 30 सितंबर को तय

भोपाल, 15 सितंबर. बड़े तालाब, केरवा डैम और कलियासोत की एफटीएल सीमा में अतिक्रमण की स्थिति को लेकर पांच दिन चले सर्वे की रिपोर्ट मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पेश की गई. एनजीटी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने अलग-अलग क्षेत्रों में सर्वे कर वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाई थी. सुनवाई के दौरान पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडे ने केरवा डैम का पूरा सर्वे नहीं होने और पानी के बहाव को लेकर आपत्ति दर्ज कराई. उन्होंने कहा कि जब डैम को एफटीएल तक भरने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर पानी बहाया जा रहा है. ऐसे में डैम का जलस्तर एफटीएल तक पहुंचना मुश्किल होगा. उन्होंने इसके समर्थन में फोटो और वीडियो भी पीठ के सामने पेश किए.
-अगली सुनवाई 30 सितंबर को
एनजीटी ने जल संसाधन विभाग को अगले 15 दिनों में केरवा डैम से पानी के बहाव को रोकने के उपाय करने और एफटीएल की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी. पांच दिन के सर्वे में बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस समेत कई रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण तालाब-डैम की सीमा में पाए जाने की जानकारी सामने आई है. इन मामलों पर भी एनजीटी में आगे कार्रवाई हो सकती है. गौरतलब है कि 4 सितंबर को भदभदा डैम का गेट खोले जाने को लेकर भी सवाल उठे थे. एनजीटी ने बड़े तालाब का जलस्तर 1666.80 फीट एफटीएल तक बनाए रखने के निर्देश दिए थे.

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