टूरिज्म और होटल इंडस्ट्री में 8 लाख से अधिक नौकरियों की संभावना, शिक्षित युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
भेल कॉलेज में ‘पर्यटन और होटल प्रबंधन में रोजगार अवसर’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित
भोपाल। पर्यटन और होटल इंडस्ट्री देश में तेजी से रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल हो रही है। विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2026-27 में इस क्षेत्र में करीब 8 लाख से अधिक रोजगार अवसरों की संभावना है। शिक्षित युवाओं के लिए होटल प्रबंधन, ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, डिजिटल टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
यह बात बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भेल भोपाल में आयोजित ‘पर्यटन और होटल प्रबंधन में रोजगार अवसर’ विषय पर विचार गोष्ठी में विशेषज्ञों ने कही।
पर्यटन से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाती हैं रोजगार के अवसर
गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के पूर्व महाप्रबंधक प्रकाश परिहार ने कहा कि किसी भी पर्यटन स्थल के विकास के लिए पर्यटकों को बेहतर डेस्टिनेशन, ठहरने की सुविधा, भोजन और मनोरंजन जैसी आधारभूत सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इन्हीं सुविधाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में होम स्टे का चलन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वरोजगार और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
पर्यटकों की संतुष्टि पर निर्भर है पर्यटन उद्योग की सफलता
मनोवैज्ञानिक प्रो. रजनीश जैन ने कहा कि पर्यटन उद्योग की सफलता पर्यटकों के अनुभव और संतुष्टि पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों को समझकर सेवाएं उपलब्ध कराने से इस क्षेत्र में बेहतर करियर बनाया जा सकता है।
फ्रंट ऑफिस और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बढ़ेगी मांग
पर्यटन विशेषज्ञ और पर्यटन निगम के पूर्व डीजीएम महेश दीक्षित ने बताया कि वर्ष 2026-27 में होटल इंडस्ट्री में फ्रंट ऑफिस जॉब्स की मांग बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लगभग 50 हजार से अधिक पदों के अवसर सामने आ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि फ्रंट ऑफिस डेस्क एग्जीक्यूटिव, रिजर्वेशन असिस्टेंट, गेस्ट सर्विस एसोसिएट, ड्यूटी मैनेजर और रूम्स डिवीजन मैनेजर जैसे पदों पर युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, सूरत, लखनऊ और जयपुर जैसे टियर-2 शहरों में 3 और 4 स्टार होटल तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में रोजगार बढ़ रहा है।
आईटी और डिजिटल सेवाओं की बढ़ रही भूमिका
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय जैन ने कहा कि पर्यटन और होटल इंडस्ट्री में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन टिकटिंग, होटल बुकिंग, डिजिटल मार्केटिंग और आईटी आधारित सेवाओं के कारण इस क्षेत्र में नए प्रकार के रोजगार पैदा हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रैवल, टूरिज्म और होटल मैनेजमेंट की शिक्षा प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
योग और आयुर्वेद से बढ़ा भारत का पर्यटन आकर्षण
विषय विशेषज्ञ डॉ. ऊषा परिहार ने कहा कि टूरिज्म और होटल मैनेजमेंट में डिग्री या पीजी डिप्लोमा करने वाले युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में योग और आयुर्वेद आधारित पर्यटन के बढ़ते आकर्षण से भी इस क्षेत्र में रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
कार्यक्रम के अंत में पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आरके शर्मा ने सभी विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने महाविद्यालय में न्यूनतम शुल्क पर संचालित पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट और बीकॉम ट्रेवल एंड टूरिज्म पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।