भोपाल, 14 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए तकनीकी संसाधनों, CEIR पोर्टल और साइबर सेल की मदद से बड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो सप्ताह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 1,808 गुम मोबाइल और एक टैबलेट बरामद किए गए। इनकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ 47 लाख 81 हजार रुपये से अधिक बताई गई है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए।
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से नागरिकों का पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
छिंदवाड़ा में 501 मोबाइल बरामद
छिंदवाड़ा पुलिस ने रक्षाबंधन से पहले विशेष अभियान चलाकर 501 गुम मोबाइल बरामद किए। इनकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। साइबर सेल की तकनीकी टीम ने मोबाइल को ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाया।
ग्वालियर में 451 मोबाइल मिले
ग्वालियर साइबर सेल ने CEIR पोर्टल की मदद से विभिन्न राज्यों और शहरों से 451 मोबाइल फोन बरामद किए। इनकी कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपये है। मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। पुलिस ने लावारिस मोबाइल सौंपकर जागरूक नागरिकता का परिचय देने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।
अन्य जिलों में भी कार्रवाई
– छतरपुर: ऑपरेशन विश्वास के तहत 276 मोबाइल, कीमत करीब 41.40 लाख रुपये।
– दतिया: 173 मोबाइल, कीमत करीब 35 लाख रुपये।
– जबलपुर: CEIR पोर्टल से 134 मोबाइल, कीमत करीब 23 लाख रुपये।
– सागर: 112 मोबाइल, कीमत करीब 16.50 लाख रुपये।
– खंडवा: ऑपरेशन सहयोग के तहत 109 मोबाइल, कीमत करीब 20.48 लाख रुपये।
– श्योपुर: 40 मोबाइल, कीमत करीब 6 लाख रुपये।
सागर साइबर टीम ने IMEI और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ दूसरे राज्यों में इस्तेमाल हो रहे मोबाइलों को ट्रेस किया।
ट्रेन में मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार
जीआरपी इंदौर ने ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी से 9 एंड्रॉइड मोबाइल और एक टैबलेट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 1,88,689 रुपये है।
वहीं जीआरपी उज्जैन ने आरोपियों से दो मोबाइल फोन और 8 हजार रुपये नकद समेत करीब 55 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की।
सेकंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI जांचें
मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सेकंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले Sanchar Saathi ऐप पर IMEI नंबर का सत्यापन जरूर करें। इससे चोरी या गुम हुए मोबाइल की खरीद से बचने में मदद मिलेगी। पुलिस के मुताबिक CEIR और तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम मोबाइल को ट्रेस करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
