इंदौर सेंट्रल जेल में बंदियों ने दो घंटे में बनाए सवा लाख पार्थिव शिवलिंग, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

इंदौर, 14 अगस्त 2026। मध्यप्रदेश की जेलों में बंदियों के मानसिक और सामाजिक पुनर्वास के लिए आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में श्रावण माह के दौरान इंदौर की केंद्रीय जेल में बंदियों ने महज दो घंटे में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग बनाए। इस आयोजन को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज किया गया है।

यह आयोजन 10 अगस्त 2026 को केंद्रीय जेल इंदौर में स्थापित शिवलिंग के पंचम वर्ष के अवसर पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर ने किया। उन्होंने पत्नी सौम्या कपूर के साथ पहला पार्थिव शिवलिंग बनाकर सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ की शुरुआत की।

करीब 1,000 पुरुष और 51 महिला बंदी हुए शामिल

आयोजन में केंद्रीय जेल में निरुद्ध करीब 1,000 पुरुष और 51 महिला बंदियों ने सामूहिक रूप से भाग लिया। बंदियों ने निर्धारित दो घंटे की अवधि में सवा लाख पार्थिव शिवलिंग का निर्माण पूरा किया।

जेल प्रशासन के अनुसार सामूहिक अनुशासन और सहभागिता के साथ आयोजित यह कार्यक्रम बंदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में एक पहल है।

आध्यात्मिक गतिविधियों से सकारात्मक सोच पर जोर

कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को आध्यात्मिक गतिविधियों से जोड़कर मानसिक शांति और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना था। इसके साथ ही आत्म-अनुशासन और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

जेल प्रशासन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों के माध्यम से बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक दिनेश नरगावे, जेल उप अधीक्षक इंदर सिंह नागर और संतोष कुमार लडिया, वरिष्ठ परिवीक्षा एवं कल्याण अधिकारी अभिषेक दांगी सहित जेल के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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