भोपाल में भारतीय सेना का वार्षिक बाढ़ राहत अभ्यास आज, बड़े तालाब में मॉक ड्रिल के जरिए परखी जाएगी आपदा से निपटने की तैयारी

भोपाल। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय सेना रविवार, 6 जुलाई को भोपाल के बड़े तालाब स्थित खानूगांव सेलिंग नोड पर वार्षिक व्याख्यान एवं व्यापक बाढ़ राहत मॉक ड्रिल का आयोजन करेगी।

यह वार्षिक सैन्य अभ्यास भारतीय सेना के 3 ईएमई सेंटर की 4 टेक्निकल ट्रेनिंग बटालियन के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बाढ़ राहत अभियानों के संचालन की व्यावहारिक प्रक्रिया का प्रदर्शन करना तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

संयुक्त रूप से होगा राहत एवं बचाव अभियान का प्रदर्शन

इस अभ्यास में भारतीय सेना की विभिन्न इकाइयों के साथ आपदा प्रबंधन से जुड़ी कई प्रमुख नागरिक एजेंसियां भी सक्रिय भागीदारी करेंगी। संयुक्त मॉक ड्रिल के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति, संसाधनों के समन्वय और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का प्रदर्शन किया जाएगा।

कई प्रमुख एजेंसियां रहेंगी शामिल

मॉक ड्रिल में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ), स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ), डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (डीएमआई), स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (एसडीएमए), होम गार्ड्स तथा राज्य प्रशासन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सभी एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों की कार्यप्रणाली और समन्वित प्रतिक्रिया का प्रदर्शन करेंगी।

मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन क्षमता होगी मजबूत

भारतीय सेना का यह वार्षिक अभ्यास मानसून के दौरान संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस दौरान विशेषज्ञ विभिन्न आपदा प्रबंधन प्रक्रियाओं, राहत अभियान संचालन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर व्याख्यान भी देंगे।

यह अभ्यास सेना और नागरिक एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने के साथ-साथ वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी राहत एवं बचाव अभियान संचालित करने की क्षमता को और मजबूत करेगा।

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