भोपाल: बड़े तालाब में सेना और प्रशासन ने किया बाढ़ बचाव मॉकड्रिल, आपदा प्रबंधन की तैयारियों का लिया जायजा

ोपाल, 6 जुलाई। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलजनित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी के बड़े तालाब स्थित वाटरमैनशिप ट्रेनिंग सेंटर में सेना और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की। अभ्यास के दौरान बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने जैसी आपातकालीन प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया।

इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता का आकलन करना था।

सेना की विभिन्न इकाइयों ने लिया भाग

मॉकड्रिल में सुदर्शन चक्र कोर, इंजीनियर रेजिमेंट टास्क फोर्स तथा मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात सेना के जवानों ने भाग लिया। प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी राहत एवं बचाव अभियान में अपनी भूमिका का अभ्यास किया।

अभ्यास के दौरान जल क्षेत्र में रेस्क्यू ऑपरेशन, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली का प्रदर्शन किया गया।

रणनीति और समन्वय पर हुआ व्याख्यान

मॉकड्रिल की शुरुआत बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन रणनीतियों पर आयोजित व्याख्यान सत्र से हुई। इसमें आपदा की स्थिति में कार्ययोजना, संसाधनों की उपलब्धता, रिक्विजिशन प्रोटोकॉल, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा आपदा के बाद पुनर्वास कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर समन्वित कार्रवाई और स्पष्ट जिम्मेदारियां किसी भी आपदा में जनहानि और नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मेजर जनरल विकास लाल ने सराहा समन्वय

मॉकड्रिल के दौरान मेजर जनरल विकास लाल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (पश्चिम मध्य प्रदेश सब एरिया), ने सेना और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि वाटरमैनशिप ट्रेनिंग सेंटर इस प्रकार के अभ्यास के लिए उपयुक्त स्थान है और ऐसे नियमित प्रशिक्षण भविष्य में किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने की क्षमता को और मजबूत करेंगे।

मानसून के मद्देनजर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी बाढ़ या जल आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव दल त्वरित, समन्वित और प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें।

Exit mobile version