रेल कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए संगठन निरंतर संघर्षरत : अशोक शर्मा

भोपाल/सागर, 6 जुलाई। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री एवं नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेल्वेमैन (NFIR) के संयुक्त महामंत्री अशोक शर्मा ने कहा कि संगठन रेल कर्मचारियों के हितों की रक्षा, सेवा शर्तों में सुधार और कर्मचारी कल्याण के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने यह बात सागर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कही।

संघ के प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि दिसंबर 2024 में हुए यूनियन मान्यता चुनाव में कर्मचारियों के व्यापक समर्थन के बाद वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ पूरे जोन की एकमात्र मान्यता प्राप्त यूनियन बनी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के विश्वास के अनुरूप संगठन लगातार विभिन्न मुद्दों को रेलवे प्रशासन और रेलवे बोर्ड के समक्ष उठा रहा है।

2,717 कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने का दावा

अशोक शर्मा ने बताया कि संगठन के प्रयासों से जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच जबलपुर मंडल में 2,717 रेल कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिला। उनके अनुसार, दिसंबर 2025 में ही 800 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई, जिससे उन्हें 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग के तहत वेतन निर्धारण का लाभ मिल सके।

एलडीसीई ‘ओपन टू ऑल’ से बढ़े अवसर

उन्होंने कहा कि संगठन के प्रयासों से विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को एलडीसीई (Limited Departmental Competitive Examination) के माध्यम से सहायक लोको पायलट पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिला। ट्रैक मेंटेनर सहित कई कर्मचारी इस प्रक्रिया में सफल हुए। उन्होंने दावा किया कि रेलवे बोर्ड स्तर पर लगातार प्रयासों के बाद सफल लेकिन रिक्तियों के अभाव में प्रतीक्षारत लगभग 52 कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला।

ट्रेन मैनेजर भर्ती में अन्य विभागों को अवसर देने की मांग

महामंत्री ने बताया कि संगठन ने रेलवे बोर्ड के समक्ष ट्रेन मैनेजर कैडर के रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा एलडीसीई ‘ओपन टू ऑल’ के तहत अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम निर्णय अभी शेष है, लेकिन संगठन सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रहा है।

8वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन की मांग

अशोक शर्मा ने केंद्र सरकार से आठवें वेतन आयोग को शीघ्र लागू करने और न्यूनतम 3.84 फिटमेंट फैक्टर निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने सभी रेल कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ दिए जाने की भी वकालत की।

समान कार्य के लिए समान वेतन पर जोर

उन्होंने कहा कि सभी विभागों में ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ का सिद्धांत लागू किया जाना चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को उनके कार्य की प्रकृति के अनुरूप रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस उपलब्ध कराया जाए तथा कार्य घंटों में किसी प्रकार का भेदभाव न हो।

चिकित्सा और आवासीय सुविधाओं में सुधार की मांग

महामंत्री ने कर्मचारियों के माता-पिता को रेलवे पास एवं पीटीओ सुविधा देने, रेलवे अस्पतालों में नियमित चिकित्सकों की नियुक्ति, पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने तथा कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग रखी।

उन्होंने रेलवे कॉलोनियों में सुरक्षित एवं आधुनिक आवास, स्वच्छ पेयजल, नियमित सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, बच्चों के लिए खेल मैदान, जिम और आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी बल दिया।

ट्रैक मेंटेनर, रनिंग स्टाफ और एस एंड टी कर्मचारियों के मुद्दे उठाए

अशोक शर्मा ने ट्रैक मेंटेनर कैडर के पुनर्गठन, ग्रेड पे 4200 तक पदोन्नति के अवसर, आधुनिक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने तथा महिला ट्रैक मेंटेनर एवं महिला रनिंग स्टाफ को आवश्यकता अनुसार अन्य विभागों में समायोजन का विकल्प देने की मांग की।

उन्होंने एस एंड टी विभाग के कर्मचारियों के लिए रिलीवर स्टाफ की व्यवस्था, फेलियर अलाउंस, सुरक्षा उपकरण तथा पॉइंट्समैन, लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर कर्मचारियों के लिए बेहतर पदोन्नति अवसरों की भी मांग उठाई।

शिक्षा भत्ते का दायरा बढ़ाने का सुझाव

महामंत्री ने कहा कि वर्तमान में कक्षा 12वीं तक मिलने वाले चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस का दायरा बढ़ाकर स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर तक किया जाना चाहिए, ताकि रेल कर्मचारियों के बच्चों को उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता मिल सके।

उन्होंने कहा कि वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ कर्मचारियों के विश्वास पर खरा उतरने के लिए लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी कर्मचारी कल्याण, सेवा-शर्तों में सुधार तथा भारतीय रेलवे के समग्र विकास के लिए रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा।

पत्रकार वार्ता में शाखा अध्यक्ष बनवारी लाल मीणा, शाखा सचिव डॉ. मोहम्मद शमशाद, संरक्षक अनुज तिवारी, राघवेंद्र सिंह दीवान, अशोक कुमार परिहार, बी.सी. निरंजन, लोकेश मीणा, अखलेश अहिरवार, रामकेश मीणा, आर.एस. पाल, बलवीर सिंह, रामेश्वर कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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