449 महिला और 123 पुरुष नव आरक्षक सीखेंगे आधुनिक पुलिसिंग, साइबर अपराध और जनसेवा के गुर
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस को अधिक पेशेवर, संवेदनशील और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में पुलिस प्रशिक्षण शाला (पीटीएस), भौंरी में नव आरक्षकों के प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की गई। मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी परिसर स्थित पीटीएस भौंरी में 5वें नव आरक्षक बैच के 572 प्रशिक्षुओं के बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस उप महानिरीक्षक (ग्रामीण), भोपाल राजेश सिंह चंदेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस बैच में 449 महिला और 123 पुरुष नव आरक्षक शामिल हैं।
आधुनिक पुलिसिंग की दी जाएगी ट्रेनिंग
मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के मार्गदर्शन में संचालित यह प्रशिक्षण सत्र नव आरक्षकों को पुलिस सेवा की बुनियादी जिम्मेदारियों के साथ आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करेगा।
प्रशिक्षण के दौरान नव आरक्षकों को—
शारीरिक दक्षता और अनुशासन
कानून और विधिक प्रक्रियाओं की जानकारी
पुलिसिंग कौशल
तकनीकी समझ
नेतृत्व क्षमता
नागरिक सेवा के मूल सिद्धांत
से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साइबर अपराध और महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस
प्रशिक्षण में बदलते अपराध के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सामुदायिक पुलिसिंग और नागरिक केंद्रित पुलिसिंग जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है। ऐसे में नव आरक्षकों को तकनीकी रूप से सक्षम और संवेदनशील पुलिसकर्मी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
महिला सहभागिता को भी मिल रहा बढ़ावा
इस बैच में महिला नव आरक्षकों की संख्या अधिक है। कुल 572 प्रशिक्षुओं में 449 महिला नव आरक्षक शामिल हैं, जो पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उपनिदेशक संजय कुमार अग्रवाल, सहायक निदेशक प्रशिक्षण रश्मि पाण्डेय, उप पुलिस अधीक्षक नीरज नामदेव, राजीव त्रिपाठी, एडीपीओ सुचित्रा वर्मा, जितेंद्र अग्निहोत्री सहित पुलिस अकादमी और प्रशिक्षण शाला के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण सत्र नव आरक्षकों को आधुनिक पुलिसिंग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और जनता के प्रति जवाबदेह एवं संवेदनशील पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।