तेरे मुंह में मूत दूंगी, महिला पुलिस इंस्पेक्टर का वीडियो वायरल: मेरठ के बॉम्बे बाजार में ट्रैफिक जाम के दौरान अभद्र भाषा

मेरठ । उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ट्रैफिक जाम के दौरान महिला दरोगा द्वारा सार्वजनिक स्थान पर अत्यंत आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है। यह मामला न केवल पुलिस की गरिमा और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि कानून के रक्षक की भाषा और व्यवहार को लेकर भी गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।
क्या है पूरा मामला
वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला पुलिस इंस्पेक्टर की पहचान रत्ना राठी के रूप में बताई जा रही है, जो वर्तमान में अलीगढ़ में पुलिस दरोगा के पद पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि वह किसी कारणवश मेरठ आई हुई थीं। इसी दौरान मेरठ के बॉम्बे बाजार इलाके में भारी ट्रैफिक जाम में उनकी गाड़ी फंस गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जाम के दौरान आगे चल रही एक गाड़ी में कथित तौर पर कोई अन्य अधिकारी या व्यक्ति सवार था। इसी बात से नाराज़ होकर महिला दरोगा ने आगे वाली गाड़ी का दरवाजा खोला और बेहद अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया। वीडियो में उनकी आवाज साफ सुनी जा सकती है, जिसमें वे कहती हैं—
“तेरे मुंह में मूत दूंगी…”
वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर आक्रोश
यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सएप पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि कानून की रक्षा करने वाले ही इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे, तो आम जनता से शालीनता की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।कई यूज़र्स ने इसे पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला व्यवहार बताया है, वहीं कुछ लोगों ने तत्काल विभागीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस आचरण और अनुशासन पर सवाल
उत्तर प्रदेश पुलिस के सेवा नियमों और आचार संहिता के अनुसार, कोई भी पुलिस अधिकारी सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय भाषा, दुर्व्यवहार या पद का दुरुपयोग नहीं कर सकता। ऐसे मामलों में विभागीय जांच, स्पष्टीकरण और अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। इस घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या महिला पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई आधिकारिक संज्ञान लिया जाएगा या मामला केवल वायरल वीडियो तक सीमित रह जाएगा।
अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
समाचार लिखे जाने तक मेरठ या अलीगढ़ पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और घटना की पुष्टि के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।





