अहमदाबाद-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को मंजूरी, 20,667 करोड़ की लागत से बदलेगी कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला, भारतीय रेलवे को मिलेगा पहला सेमी हाई-स्पीड कॉरिडोर
भोपाल। नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने गुजरात में अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा तक सेमी हाई-स्पीड दोहरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्रालय की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 20,667 करोड़ रुपए है और इसे वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह भारत की पहली स्वदेशी तकनीक आधारित सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी, जो देश में आधुनिक रेलवे नेटवर्क के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। परियोजना के तहत अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), प्रस्तावित धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के बीच बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।
करीब 134 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन भारतीय रेलवे नेटवर्क का विस्तार करेगी और गुजरात के लगभग 284 गांवों की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगी। इससे करीब 5 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है। परियोजना पूरी होने के बाद अहमदाबाद और धोलेरा के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी, जिससे दैनिक आवागमन आसान होगा और यात्री एक ही दिन में वापसी यात्रा कर सकेंगे।
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है। रेलवे के अनुसार यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार होगी। इससे तेल आयात में लगभग 0.48 करोड़ लीटर की कमी और 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो करीब 10 लाख पेड़ लगाने के बराबर माना जा रहा है।
रेल मंत्रालय का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में देशभर में सेमी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विस्तार के लिए मॉडल के रूप में कार्य करेगी और रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।