खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रालय में सुनीं आमजन की समस्याएं

बोले- जनसमस्याओं के समाधान में देरी बर्दाश्त नहीं, अधिकारी समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप आमजन से सीधे संवाद और उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान की दिशा में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत लगातार जनसुनवाई कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने मंत्रालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में लोग सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और राजस्व सहित विभिन्न समस्याएं लेकर पहुंचे। नागरिकों ने अपने क्षेत्रों में लंबित विकास कार्यों और स्थानीय स्तर की समस्याओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री राजपूत ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रकरणों का परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
सुरखी विधानसभा क्षेत्र से आए नागरिकों ने भी क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों और जनहित के विभिन्न मुद्दों को मंत्री के सामने रखा। इस पर श्री राजपूत ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और विकास कार्यों की प्रगति की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।
नियमित रूप से कर रहे जनसुनवाई
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत द्वारा आमजन से नियमित रूप से संवाद किया जा रहा है। उनके अनुसार, सोमवार और गुरुवार को सागर तथा मंगलवार को भोपाल में मंत्रालय और सरकारी निवास पर नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण की पहल की जाती है।
‘जनता की सेवा जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी’
मंत्री राजपूत ने कहा कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का समाधान जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को अपनी समस्याओं के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और विकास कार्यों को गति देना प्राथमिकता है। प्रयास है कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जनता से सीधा संवाद, समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का निरंतर विकास ही उनकी प्रतिबद्धता है।





