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भोपाल: मजदूर दिवस पर संविदा कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन, मानव श्रृंखला बनाकर उठाई “समान कार्य-समान वेतन” की मांग

Bhopal । 1 मई मजदूर दिवस पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के बैनर तले हजारों संविदा कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर “संविदा कर्मचारियों का शोषण बंद हो”, “समान कार्य के लिए समान वेतन” जैसे नारों के साथ अपनी आवाज बुलंद की।

प्रदर्शन के दौरान महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने कहा कि देश से अंग्रेजों के जाने के बाद भी सरकारी विभागों में संविदा और आउटसोर्सिंग के नाम पर बंधुआ मजदूरी जैसी व्यवस्था जारी है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षित युवाओं को रोजगार देने के बजाय अल्प वेतन पर संविदा नियुक्ति देकर उनका शोषण कर रही है, जो भारतीय संविधान की धारा 13 और 14 के खिलाफ है।

प्रमुख मांगे:

रिक्त पदों पर संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

नियमित कर्मचारियों की तरह पदोन्नति, इंक्रीमेंट, समयमान वेतनमान, ग्रेच्यूटी और अन्य लाभ दिए जाएं।

बंद हो रही योजनाओं के कर्मचारियों को अन्य विभागों में समायोजित किया जाए।

निष्कासित कर्मचारियों को वापस सेवा में लिया जाए और संविलियन किया जाए।

कुक्कुट विकास निगम सहित उन सभी विभागों में 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति तत्काल प्रभाव से लागू की जाए।


राठौर ने यह भी कहा कि सरकार संविदा नीति लागू करने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं दिख रहा।

मजदूर दिवस के मौके पर यह प्रदर्शन राज्य सरकार के लिए एक गंभीर संदेश बनकर उभरा है, जिसमें बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।

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