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भोपाल में 3435 जर्जर भवन चिन्हित, 2184 भवन मालिकों को निगम ने जारी किए नोटिस

बारिश से पहले सुरक्षा को लेकर नगर निगम सख्त, 35 जर्जर भवन हटाए गए और 25 भवनों की कराई गई मरम्मत

भोपाल। मानसून के दौरान जर्जर भवनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए नगर निगम ने शहर में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। निगम द्वारा किए गए सर्वेक्षण में अब तक 3435 अति जर्जर, जर्जर और भयप्रद भवनों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 2184 भवन मालिकों को नोटिस जारी कर भवनों की मरम्मत कराने अथवा जर्जर हिस्सों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

नगर निगम प्रशासन का उद्देश्य बारिश के दौरान किसी भी तरह की जनहानि और दुर्घटना की संभावना को कम करना है। निगम ने सभी वार्ड क्षेत्रों में जर्जर भवनों की स्थिति का सर्वे कराया है, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है।

भवन मालिकों को दिए गए मरम्मत या हटाने के निर्देश

नगर निगम ने नोटिस में भवन स्वामियों से कहा है कि वे जर्जर हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराएं या ऐसे हिस्सों को हटाएं, जो आम नागरिकों के लिए खतरा बन सकते हैं। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के लिहाज से लापरवाही बरतने वाले भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐशबाग के 600 जनता क्वार्टर सबसे ज्यादा जर्जर

सर्वे में सबसे अधिक अति जर्जर भवन ऐशबाग क्षेत्र स्थित हाउसिंग बोर्ड के 600 जनता क्वार्टर आवासों में पाए गए हैं। इन आवासों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने हाल ही में हाउसिंग बोर्ड आयुक्त को पत्र लिखा था।

पत्र के माध्यम से उन्होंने जर्जर क्वार्टरों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित करने और जर्जर भवनों को तोड़ने अथवा उनके आवश्यक संधारण की कार्रवाई करने के लिए कहा था।

2464 शासकीय भवन जर्जर, 971 निजी भवन शामिल

नगर निगम के यांत्रिक विभाग द्वारा चिन्हित 3435 जर्जर भवनों में—

2464 शासकीय भवन

971 निजी भवन

शामिल हैं।

इनमें निजी भवनों में 17 भवन अति जर्जर स्थिति में पाए गए हैं, जबकि शासकीय भवनों में 740 भवन अति जर्जर श्रेणी में हैं।

25 भवनों की हुई मरम्मत, 35 जर्जर भवन हटाए गए

नगर निगम ने बताया कि नोटिस जारी होने के बाद अब तक 25 भवन स्वामियों ने मरम्मत कार्य कराया है। वहीं सुरक्षा के दृष्टिगत 35 जर्जर और भयप्रद भवनों को हटाने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जर्जर भवनों या खतरनाक निर्माणों की जानकारी निगम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बारिश के मौसम में कमजोर भवनों से होने वाले खतरे को देखते हुए निगम का सर्वे और कार्रवाई अभियान लगातार जारी रहेगा।

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