कलेक्टर कॉन्फ्रेंस: स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगीकरण को प्राथमिकता दें कलेक्टर — मुख्य सचिव अनुराग जैन
आमजन से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में सरल प्रक्रिया अपनाने के निर्देश, कानून व्यवस्था और सुशासन की भी हुई समीक्षा
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रदेश के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि मध्यप्रदेश को विकसित बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगीकरण और मानव संसाधन विकास पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़ी योजनाओं और लक्ष्य आधारित कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सहज बनाया जाए।
मुख्य सचिव गुरुवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के कलेक्टर, संभागायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी शामिल हुए। भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा और भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा भी बैठक में शामिल हुए।
औद्योगीकरण और निवेश बढ़ाने पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि शहरीकरण की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए जिलों में मास्टर प्लान तैयार किए जाएं और औद्योगीकरण के लिए निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम किया जाए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के माध्यम से मानव संसाधन को मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति के तहत निर्माण कार्यों और संपत्तियों की मैपिंग की जा रही है। इसी तरह सीएम गतिशक्ति पोर्टल पर भी प्रदेश के निर्माण कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाए, जिससे योजनाओं की प्रभावी समीक्षा हो सके।
मुख्य सचिव ने सरकारी संपत्तियों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय भवन बनने के बाद खाली हुए स्कूल भवनों का उपयोग आयुष वेलनेस सेंटर, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए किया जा सकता है।
कानून व्यवस्था को लेकर समन्वित कार्रवाई के निर्देश
बैठक की शुरुआत कानून व्यवस्था की समीक्षा से हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अनुभाग स्तर पर एसडीएम और एसडीओपी तथा जिला स्तर पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से भ्रमण कर कानून व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाएं।
उन्होंने एनकार्ड की नियमित बैठकें आयोजित करने और साइबर फ्रॉड रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्रों को ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने पॉक्सो एक्ट के मामलों में एक माह के भीतर चार्जशीट प्रस्तुत करने का लक्ष्य रखने को कहा।
बैठक में विस्फोटक अधिनियम के तहत लाइसेंसी संस्थानों की संयुक्त जांच, नवीन न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य प्रणाली और समय सीमा में चालान पेश करने पर भी चर्चा हुई। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन से मिलेगा बेहतर सुशासन
सुशासन की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन के लंबित मामलों के निराकरण में सुधार पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा से व्यवस्था में सुधार आया है।
उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि भू-अधिग्रहण मामलों में समय पर अवार्ड पारित किए जाएं, ताकि नागरिकों को परेशानी न हो और विकास परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और सरकारी विभागों को भूमि आवंटन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं की नियमित समीक्षा करें कलेक्टर
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि कलेक्टर स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त भ्रमण करें।
उन्होंने शिशु और मातृ मृत्यु दर कम करने के लिए प्रसव पूर्व जांच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर दिया। अनमोल 2.0 कार्यक्रम में सही डाटा एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों को पोषण के साथ बेहतर उपचार उपलब्ध कराने, दस्तक अभियान और स्टॉप डायरिया अभियान की तैयारी समय से करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने पेयजल स्रोतों की जांच और शुद्धीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निक्षय मित्र टीबी मुक्त भारत अभियान में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
100 प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित करें
स्कूल शिक्षा की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि शासकीय और निजी विद्यालयों में आसपास की बस्तियों के सभी पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने ड्रॉप आउट बच्चों के पुन: प्रवेश, आंगनवाड़ी केंद्रों की स्कूलों से मैपिंग और उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा की।
सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
पीएम श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश अव्वल
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टरों की सराहना की। इस योजना में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पंजीकृत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपए मासिक पेंशन का प्रावधान है।
उन्होंने संबल योजना के प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और श्रमिकों को बीओसीडब्ल्यू श्रम सेवा पोर्टल पर पंजीकृत करने के निर्देश दिए।
पशु आश्रय स्थल और एबीसी सेंटर विकसित करने के निर्देश
बैठक के अंत में डॉग बाइट मामलों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने वन, पशुपालन और नगरीय निकायों को समन्वय के साथ सभी 55 जिलों में पशु आश्रय स्थल विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक जिले में न्यूनतम एक एबीसी (Animal Birth Control) सेंटर स्थापित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों में पशु निगरानी समितियों का गठन किया जा चुका है।