साइबर अपराधों से बचाव के लिए ‘Safe Click 2.0’ अभियान के तहत चुनाभट्टी पुलिस ने किया जागरूकता कार्यक्रम
विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन ठगी, फिशिंग लिंक और डिजिटल फ्रॉड से बचने के बताए उपाय
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी ‘Safe Click 2.0’ (साइबर सेफ 2.0) अभियान के तहत थाना चुनाभट्टी पुलिस ने शासकीय नवीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना था।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) चुनाभट्टी आलोक श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में थाना चुनाभट्टी पुलिस ने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अपराधों से बचने की दी जानकारी
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया अपराध और अन्य साइबर ठगी के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया।
पुलिस ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की कि वे—
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बैंकिंग विवरण किसी से साझा न करें।
संदिग्ध कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहें।
सोशल मीडिया का उपयोग सावधानीपूर्वक करें।
साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत की अपील
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो उसे तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई। उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस का Safe Click 2.0 अभियान नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित व्यवहार अपनाने, साइबर अपराधों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में चलाया जा रहा है।