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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एम्स भोपाल की पहल, स्वस्थ वृद्धावस्था और मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर एम्स भोपाल ने योग, ध्यान और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की। संस्थान के संकाय सदस्य ने जहां पटना में आयोजित वेबिनार में मुख्य व्याख्यान दिया, वहीं भोपाल स्थित माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग एंड रिसर्च सेंटर (एमएफपी-पीएआरसी) में योग एवं ध्यान सत्र का संचालन किया गया।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से वैज्ञानिक योग पद्धतियों, निवारक चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

योग की भूमिका पर एम्स भोपाल के विशेषज्ञ ने दिया व्याख्यान

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, अमहारा, बिहटा, पटना के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग द्वारा “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” विषय पर विशेष वेबिनार आयोजित किया गया।

इस वेबिनार में एम्स भोपाल के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग के अतिरिक्त प्राध्यापक डॉ. वरुण मल्होत्रा ने “तनाव में कमी, जीवनशैली संबंधी विकारों और निवारक चिकित्सा में योग की भूमिका” विषय पर शोध आधारित प्रस्तुति दी।

उन्होंने योग के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक स्थिरता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल का प्रभावी माध्यम है।

प्राणायाम और स्वास्थ्य पर शोध आधारित जानकारी

डॉ. मल्होत्रा ने अपनी प्रस्तुति में प्राणायाम और हृदय स्वास्थ्य, योग का मस्तिष्क तरंगों पर प्रभाव, टाइप-2 मधुमेह में योग की उपयोगिता, तनाव प्रबंधन और सूर्य नमस्कार के स्वास्थ्य लाभों पर जानकारी साझा की।

उन्होंने बताया कि अनुलोम-विलोम, शीतली, उज्जायी और भस्त्रिका जैसे प्राणायाम शरीर और मस्तिष्क पर अलग-अलग प्रभाव डालते हैं। धीमी गति से किया गया प्राणायाम तंत्रिका तंत्र के संतुलन और हृदय को शांत करने में सहायक हो सकता है, जबकि तेज गति वाले प्राणायाम ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ाने में उपयोगी हो सकते हैं।

वेबिनार में स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए नियमित ध्यान, प्राणायाम, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, सकारात्मक सोच और सामाजिक जुड़ाव के महत्व पर भी चर्चा की गई।

एमएफपी-पीएआरसी में योग और ध्यान सत्र आयोजित

भोपाल स्थित माइनर फॉरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग एंड रिसर्च सेंटर, वन परिसर, बरखेड़ा पठानी में भी विशेष योग एवं ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत एम्स भोपाल के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की पीएचडी स्कॉलर सुश्री निधि शर्मा द्वारा कॉमन योग प्रोटोकॉल के अनुसार योगासन सत्र से हुई।

इसके बाद एम्स भोपाल की ओर से निर्देशित ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को योग और ध्यान के वैज्ञानिक पहलुओं से अवगत कराया गया।

ध्यान से मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का अभ्यास

करीब 30 मिनट के ध्यान सत्र में प्रतिभागियों को सही ध्यान मुद्रा, रीढ़ की स्थिति, चेहरे के संतुलन और एकाग्रता के अभ्यास के बारे में बताया गया।

सत्र के दौरान:

– ध्यान मुद्रा का अभ्यास,
– भौंहों के मध्य ध्यान केंद्रित करने की तकनीक,
– जप प्रक्रिया,
– 20-20-20 श्वास तकनीक,
– मानसिक दृश्यांकन

जैसी विधियों के माध्यम से आंतरिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया गया।

कार्यक्रम का समापन हीलिंग प्रेयर्स के साथ हुआ, जिसमें मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और समग्र स्वास्थ्य का संदेश दिया गया।

योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल

एमएफपी-पीएआरसी प्रबंधन ने एम्स भोपाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, समग्र कल्याण और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में उपयोगी हैं।

एम्स भोपाल ने इन आयोजनों के माध्यम से संदेश दिया कि योग, ध्यान और संतुलित जीवनशैली स्वस्थ वृद्धावस्था, मानसिक शांति और बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।

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