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एमएसएमई दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 159 महिला उद्यमियों ने लिया हिस्सा

भोपाल। अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग की ओर से गुरुवार को होटल रेडिसन में महिला उद्यमियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 159 महिला उद्यमियों, बैंकरों, सरकारी अधिकारियों और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक विक्रम बीएस राजपूत ने आयोजन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला उद्यमियों को वित्तीय योजनाओं, ऋण सुविधाओं और सरकारी सहायता कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारतीय रिजर्व बैंक की क्षेत्रीय निदेशक सुजाता लाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। महिला उद्यमी न केवल अपने परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक महाप्रबंधक पहल भारतीय रिजर्व बैंक ने एमएसएमई क्षेत्र के वित्तपोषण से जुड़ी आरबीआई की पहलों और योजनाओं की जानकारी दी। वहीं एमएसएमई-डीएफओ के सहायक निदेशक नीलेश त्रिवेदी ने केंद्र सरकार की एमएसएमई योजनाओं, महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध सहायता और सब्सिडी कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में एसबीआईएलडी, ट्रांसयूनियन सिबिल और सिडबी के प्रतिनिधियों ने महिला उद्यमियों को ऋण प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों, क्रेडिट स्कोर की भूमिका और वित्तीय संस्थानों से बेहतर समन्वय के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के प्रश्नोत्तर सत्र में महिला उद्यमियों ने अपने व्यवसाय से जुड़ी जमीनी समस्याएं, ऋण प्राप्ति में आने वाली कठिनाइयां और समाधान संबंधी सुझाव साझा किए। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देकर उन्हें वित्तीय संसाधनों और सरकारी योजनाओं का बेहतर लाभ उठाने के लिए मार्गदर्शन दिया।

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