मानसून में सुरक्षित रेल संचालन के लिए भोपाल मंडल अलर्ट, संवेदनशील स्थानों पर 118 पेट्रोलमैन और 174 वाचमैन तैनात

पुलों, बांधों और ट्रैक की 24 घंटे निगरानी, जलभराव रोकने से लेकर सिग्नल सिस्टम तक की गई विशेष तैयारी

भोपाल। मानसून के दौरान भारी बारिश, आंधी-तूफान और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों में रेल संचालन को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसंपत्तियों की संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मंडल में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी के निर्देशन में मानसून सुरक्षा कार्ययोजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत रेल मार्ग के सभी संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किए गए 292 कर्मचारी

मानसून के दौरान ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंडल के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर 118 पेट्रोलमैन और 174 वाचमैन तैनात किए गए हैं। ये कर्मचारी नियमित मानसून पेट्रोलिंग के माध्यम से रेल पथ की लगातार निगरानी कर रहे हैं और किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना संबंधित अधिकारियों को दे रहे हैं।

पुलों और बांधों पर विशेष सतर्कता

रेलवे प्रशासन ने बताया कि मंडल के महत्वपूर्ण पुलों, बांधों तथा अन्य संवेदनशील संरचनाओं पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ या जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर नजर रखने के लिए कई संवेदनशील पुलों पर वॉटर लेवल अलार्म सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिससे समय रहते आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

जलभराव रोकने के लिए व्यापक सफाई अभियान

मानसून के दौरान ट्रैक और यार्ड क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से बचने के लिए रेलवे ने नालियों, पुलियों और जल निकासी मार्गों की व्यापक सफाई कराई है। इससे वर्षा का पानी तेजी से निकल सकेगा और रेल परिचालन प्रभावित होने की संभावना कम होगी।

सिग्नल और ओवरहेड उपकरणों का तकनीकी निरीक्षण

विद्युतीकृत रेलखंडों में सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित करने के लिए ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरणों, सिग्नल प्रणाली और ट्रैक का विशेष तकनीकी निरीक्षण किया गया है। इसके अलावा ट्रैक के आसपास रेल संचालन में बाधा बनने वाली पेड़ों की शाखाओं की छंटाई भी कराई गई है।

रेलवे ने सिग्नलिंग केबलों की जांच, मेगरिंग और अन्य आवश्यक अनुरक्षण कार्य भी पूरे कर लिए हैं, ताकि खराब मौसम में भी संचार एवं सिग्नल प्रणाली सुचारु रूप से कार्य करती रहे।

आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी

आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित संचार बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के वॉकी-टॉकी सेट पूरी तरह कार्यशील और चार्ज अवस्था में रखे गए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

रेलवे प्रशासन ने कहा कि भोपाल मंडल मानसून के पूरे सीजन में यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।

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