
भोपाल. 4 सितंबर. राजधानी भोपाल के कई प्रमुख और वीआईपी मार्गों पर स्ट्रीट लाइटें बंद होने से रात के समय सडक़ें अंधेरे में डूब रही हैं। सावरकर सेतु चौराहे स्थित थिंक गैस पंप से एम्स जाने वाले मार्ग के साथ-साथ शिवाजी नगर से वल्लभ भवन जाने वाले ठंडी सडक़ मार्ग पर भी कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं. सामाजिक कार्यकर्ता उमाशंकर तिवारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आईएसबीटी से सांची दुग्ध संघ, सावरकर सेतु होते हुए एम्स और शिवाजी नगर से वल्लभ भवन जाने वाले मार्गों पर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं है। इन मार्गों पर बड़ी संख्या में वाहन चलते हैं। अंधेरे के कारण खासकर दोपहिया वाहन चालकों के साथ दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.
-ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान बदली गई थीं हजारों लाइटें
तिवारी ने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले राजधानी में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने और हजारों लाइटें बदलने के नाम पर नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च किए थे. सम्मेलन में विदेशी मंत्री और अधिकारी भी शामिल हुए थे. ऐसे में अब उन्हीं प्रमुख मार्गों पर लाइटों का बंद होना निगम के मेंटेनेंस सिस्टम पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने कहा कि यदि लाइटें लगाने और मेंटेनेंस पर बड़ी राशि खर्च की गई थी तो कुछ ही समय बाद प्रमुख मार्गों पर अंधेरा कैसे छा गया. उनका आरोप है कि निगम ने संभवत: कागजी खानापूर्ति के लिए काम किया, जिसकी वास्तविक स्थिति अब सामने आ रही है.
-न आंधी आई, न तेज बारिश, फिर क्यों बंद हैं लाइटें?
तिवारी ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई तेज आंधी या बारिश भी नहीं हुई है, जिससे पेड़ या बिजली के पोल गिरने, तार टूटने अथवा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुंचने की बात कही जाए. इसके बावजूद प्रमुख मार्गों पर लाइटें बंद हैं.उन्होंने नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल स्ट्रीट लाइटों की जांच कर उन्हें चालू कराने की मांग की है, ताकि रात में वाहन चालकों को परेशानी न हो और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके.
