कर्मचारियों की लंबित मांगों पर महापौर ने दिया 15 दिन में कार्रवाई का भरोसा

भोपाल. 4 सितंबर. नगर निगम भोपाल के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर महापौर, अपर आयुक्त एवं उपायुक्त से मुलाकात की. इस दौरान पूर्व में शासन और नगर निगम को सौंपे गए ज्ञापनों में शामिल कर्मचारी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई. मोर्चा पदाधिकारियों ने शासन एवं निगम स्तर पर लंबित मांगों को जल्द निराकरण करने की मांग रखी. चर्चा के दौरान महापौर ने संबंधित मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया. महापौर ने कहा कि शासन स्तर से संबंधित लंबित मांगों को आयुक्त के संज्ञान में लाकर आवश्यक पत्र शासन को भेजे जाएंगे. यह प्रक्रिया 15 दिन के भीतर किए जाने की बात कही गई. जिन मांगों के संबंध में पहले ही शासन को पत्र भेजे जा चुके हैं, उनके लिए दोबारा स्मरण पत्र भी भेजे जाएंगे. वहीं, नगर निगम स्तर से संबंधित मांगों और शिकायतों के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे. ऐसे मामलों का 15 दिन में यथासंभव निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा. कर्मचारी हित से जुड़े मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का भी आश्वासन दिया गया.
-25 दिवसीय दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण का मुद्दा
बैठक में नगर निगम के 25 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के विनियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. बताया गया कि पारित संकल्प क्रमांक 02, 12 मार्च 2019 तथा सम्मिलन 26 जून 2019 के अनुसार नगर निगम में ऐसे 25 दिवसीय दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, जिनकी सेवा अवधि 10 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उन्हें विनियमित किए जाने का प्रस्ताव पारित किया गया था. इस मामले में अब शासन स्तर से आगे की कार्रवाई होना प्रस्तावित है. बैठक में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी साबिर खान, चैन सिंह चौहान और महावीर सिंह के नेतृत्व में इरफान अल्ताफ, रितेश मेना, मुशीर मोहम्मद, अमरदीप घोसरे, श्यामलाल मेना, नवल गोरे, डी.के. चौकसे, दिनेश करोसिया, सोनू डागर, जीतू वालिए, शेखर सहित अन्य संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे.

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